
-राजेश शर्मा
Dausa Ramlila 2026: रामलीला के मंच पर अब तक पुरुष कलाकारों को महिलाओं के किरदार निभाते हुए देखा होगा, लेकिन दौसा जिले की रामलीला में इस बार एक खास बदलाव देखने को मिल रहा है। यहां पहली बार दो महिलाएं भी रामलीला में अभिनय करती नजर आ रही हैं। भगवान राम की पत्नी सीता के किरदार में दीया शर्मा दर्शकों का ध्यान खींच रही हैं, वहीं अनुसूइया की भूमिका में सुमन शर्मा अपने अभिनय की छाप छोड़ रही हैं। खास बात यह है कि दोनों ही पहली बार रामलीला में अभिनय कर रही हैं। पढ़ाई, परिवार और अपनी जिम्मेदारियों के बीच दोनों ने मंच पर उतरकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
रामलीला में किसी पात्र का किरदार निभाना केवल संवाद बोलने और अभिनय करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पात्र की भावनाओं को समझकर उन्हें दर्शकों तक पहुंचाना भी जरूरी होता है। दीया और सुमन इसी चुनौती को स्वीकार करते हुए अपने-अपने किरदारों को जीवंत बनाने का प्रयास कर रही हैं। दोनों के लिए यह अनुभव नया है, लेकिन मंच पर उनका आत्मविश्वास और अभिनय दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
दीया शर्मा दौसा शहर में गुप्तेश्वर रोड स्थित शिक्षक कॉलोनी की रहने वाली हैं। वह राजस्थान विश्वविद्यालय से शास्त्रीय गायन में बीपीए (बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स) की पढ़ाई कर रही हैं। संगीत की शिक्षा हासिल कर रहीं दीया को इस बार रामलीला में माता सीता का किरदार निभाने का अवसर मिला है।
दीया के लिए रामलीला में अभिनय करना एक नया अनुभव है। शास्त्रीय गायन की पढ़ाई के साथ वह मंच पर अपनी अभिनय प्रतिभा भी दिखा रही हैं। सीता के किरदार में उनके अभिनय की सराहना हो रही है। इस भूमिका के माध्यम से वह अपनी प्रतिभा को एक नए मंच पर प्रस्तुत कर रही हैं।
दीया के पिता जितेंद्र शर्मा पेंट का कारोबार करते हैं, जबकि उनकी मां राधा शर्मा गृहिणी हैं। उनके परिवार में दो बहनें और एक भाई हैं। परिवार के बीच रहते हुए पढ़ाई और अभिनय के लिए समय निकालना उनके लिए एक नया अनुभव है। रामलीला में सीता की भूमिका निभाकर दीया ने अपनी प्रतिभा को अभिव्यक्त करने का अवसर हासिल किया है।
दौसा जिले के लालसोट के निकट राजोली गांव में जन्मी सुमन शर्मा रामलीला में अनुसूइया की भूमिका निभा रही हैं। यह उनका भी पहला रामलीला मंचन है। शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाली सुमन सामान्य एवं विशेष शिक्षा में प्रशिक्षित हैं। वह पांच विषयों में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं।
वर्तमान में सुमन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हैं। नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने रामलीला के मंच पर अभिनय करने का निर्णय लिया। अनुसूइया के किरदार में वह अपने अभिनय से दर्शकों के सामने एक अलग पहचान बनाने का प्रयास कर रही हैं।
सुमन का ससुराल दौसा शहर की बाबाजी की छावनी स्थित महादेव कॉलोनी में है। उनके पति विजय प्रकाश शर्मा बीएड कॉलेज में प्राचार्य हैं। पारिवारिक और व्यावसायिक जिम्मेदारियों के साथ रामलीला में हिस्सा लेना उनके लिए एक नया अनुभव है।
दौसा की रामलीला में पहली बार दो महिलाओं का अभिनय करना इस आयोजन की खास बात बन गया है। दीया शर्मा जहां शास्त्रीय गायन की पढ़ाई कर रही हैं, वहीं सुमन शर्मा पांच विषयों में स्नातकोत्तर करने के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। दोनों की शैक्षणिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि अलग-अलग है, लेकिन रामलीला के मंच पर अभिनय करने का उत्साह उन्हें एक साथ जोड़ता है।
दोनों ने अपनी रोजमर्रा की जिम्मेदारियों के बीच मंच पर उतरकर यह दिखाया है कि प्रतिभा को सामने लाने के लिए नए अवसरों को अपनाना भी जरूरी है। सीता और अनुसूइया के किरदारों के माध्यम से दीया और सुमन न केवल अपने अभिनय कौशल को निखार रही हैं, बल्कि दौसा की रामलीला में एक नई पहल का हिस्सा भी बन रही हैं।