16 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Lalsot Panchayat Samiti: प्रस्तावक बन कर नामांकन भरवाने पहुंची सावित्री बनी थी लालसोट की पहली महिला प्रधान, सांवलराम 17 साल रहे प्रधान

Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान के दौसा जिले की लालसोट पंचायत समिति का इतिहास भी रोचक घटनाओं से भरा है। जानिए अब तक यहां कौन-कौन रहा प्रधान-
2 min read
Google source verification

दौसा

•

image

Santosh Trivedi

•

Oct 16, 2026

सावित्री सैनी और सांवलराम मीना

सावित्री सैनी और सांवलराम मीना. Photo- Patrika

Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत राज चुनावों की घोषणा के साथ ही प्रधान पद को लेकर हलचल तेज हो गई है। इस बार पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने से लालसोट पंचायत समिति को 5वीं महिला प्रधान मिलेगी। पंचायत समिति का इतिहास भी रोचक रहा है, जहां कभी प्रस्तावक बनकर आईं सावित्री सैनी प्रधान बनीं, तो कभी लॉटरी ने चुनाव का परिणाम पलट दिया। 2000 में डिडवाना निवासी सावित्री सैनी कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन भरवाने एसडीएम कार्यालय पहुंची थीं। प्रत्याशी की उम्र कम होने की जानकारी मिलने पर कांग्रेस नेताओं ने सावित्री को ही प्रत्याशी बना दिया। वे पंचायत समिति सदस्य का चुनाव जीतीं और बाद में प्रधान बनकर लालसोट की पहली महिला प्रधान बनीं।

बराबर मतों पर लॉटरी से सुशीला गुप्ता जीती

वर्ष 2005 में कांग्रेस और भाजपा को पंचायत समिति में 13-13 सीटें मिलीं। मंडावरी निवासी निर्दलीय सदस्य रामराज महावर के BJP के पक्ष में आने से मनभर देवी मीना की जीत तय मानी जा रही थी, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की एक महिला सदस्य के मतदान नहीं करने से प्रधान पद के चुनाव में कांग्रेस की सुशीला गुप्ता और भाजपा की मनभर मीना को 13-13 मत मिले। लॉटरी में सुशीला विजयी रहीं।

मनभर मीना को मिला महज एक माह का कार्यकाल

जनवरी 2010 में कोर्ट द्वारा एक पंचायत समिति सदस्य को अयोग्य घोषित करने और उनके मत को 0 मानने के बाद सुशीला गुप्ता को पद छोड़ना पड़ा। इसके बाद मनभर देवी मीना प्रधान बनीं, लेकिन उनका कार्यकाल महज एक माह रहा।

सांवलराम 17 साल रहे प्रधान

खुर्रा निवासी सांवलराम मीना पहली बार 1964 में प्रधान बने । वे 1977 तक पद पर रहे। इसके बाद 1988 से 1991 तक दोबारा प्रधान रहे। पंचायत समिति के पहले प्रधान बनने का गौरव 1958 में राजेन्द्र बैनाड़ा को मिला था। उन्होंने रामरूप मिश्र को हराया था और बाद में उपप्रधान भी बने। हजारीलाल ग्रामीण 1961 से 1964 तक तथा रामरूप मिश्र 1982 से 1988 तक प्रधान रहे।

अब 5वीं महिला प्रधान का इंतजार

लालसोट पंचायत समिति में अब तक 12 लोग प्रधान बन चुके हैं, जिनमें चार महिलाएं शामिल हैं। सामान्य महिला के लिए पद आरक्षित होने से अब पांचवीं महिला प्रधान बनेगी। चुनाव के साथ यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार इतिहास में कौन नया अध्याय जुड़ता है।

Lalsot Panchayat Samiti: प्रधानों का कार्यकाल

क्रम संख्याप्रधान का नामकार्यकाल
1.राजेन्द्र बैनाड़ा1958 से 1960
2.हजारीलाल ग्रामीण1961 से 1964
3.सांवलराम मीना1964 से 1977
5.रामरुप मिश्र1982 से 1988
6.सांवलराम मीना1988 से 1991
6.फैलीराम मीना1995 से 2000
7.सावित्री सैनी2000 से 2005
8.सुशीला गुप्ता2005 से 2010
9.मनभर मीनाजनवरी 2010 में एक माह
10.गंगासहाय बैरवा2010 से 2015
11.रामकली मीना2015 से 2020
12.नाथूलाल मीना2021 से 2026