Dausa News: दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे पर पिछले 12 दिनों से चल रहे सर्च ऑपरेशन के बावजूद पुलिस को कोई ठोस साक्ष्य हाथ नहीं लगा।
बांदीकुई/आभानेरी। ऊनबड़ा गांव रामदेवा की ढाणी से छह वर्ष पहले घर के आंगन से लापता हुए प्रिंस उर्फ टिल्लू का सुराग अब भी नहीं मिल सका है। दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे पर पिछले 12 दिनों से चल रहे सर्च ऑपरेशन के बावजूद पुलिस को कोई ठोस साक्ष्य हाथ नहीं लगा। बुधवार को खुदाई नहीं हुई, लेकिन पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
आरोपी अनिल और कृष्णा का 15 दिन का रिमांड पूरा हो चुका है, जिन्हें 5 मार्च को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस ने ड्रोन सर्वे और जीपीआर तकनीक से चिन्हित स्थानों पर व्यापक खुदाई कराई। वर्ष 2020 की ड्रोन रिपोर्ट और हालिया सर्वे का तुलनात्मक अध्ययन कर दो-तीन स्थानों को अति संवेदनशील मानते हुए खुदाई की गई।
पहले चरण में मिलिंग मशीन से डामर की परतें हटाई गईं, फिर जेसीबी और एक्सकैवेटर से करीब 80-100 मीटर लंबाई, 4 मीटर चौड़ाई और लगभग 12 फुट गहराई तक खुदाई की गई। पीपल के पेड़ के सामने बताए गए स्थान समेत सभी बिंदुओं पर विशेष निगरानी रखी गई। खुदाई से निकली मिट्टी पर पुलिस की सतत नजर है।
सूत्रों के अनुसार मशीन का किराया करीब 10,500 रुपए प्रति घंटा है और प्रति घंटे 20 लीटर डीजल की खपत हो रही है। अब तक अभियान पर 50 से 60 लाख रुपए खर्च होने की चर्चा है। रात में फ्लड लाइट की व्यवस्था कर अभियान जारी रखा गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेंद्र फौजदार और थाना अधिकारी जहीर अब्बास मॉनिटरिंग कर रहे हैं। हाईवे की दो लेन बंद कर तीन लेन से यातायात संचालित किया जा रहा है।
उधर, खुदाई स्थल पर पहुंचे टिल्लू के पिता जगमोहन बैरवा भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि बेटे के अवशेष मिल जाएं तो हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कर सकें। लगातार 12 दिन की मशक्कत के बाद भी परिणाम न मिलने से परिजनों में मायूसी गहराती जा रही है।