
बांदीकुई। धौलीगुमटी-पंडितपुरा मार्ग पर कथित बाइक चोरी के शक में जान गंवाने वाले दिनेश मीणा की मौत के दस दिन बाद मामला फिर उबाल पर आ गया। शनिवार सुबह मृतक की मां इंदिरा देवी और पत्नी लक्ष्मी देवी अपनी मांगें पूरी नहीं होने का आरोप लगाते हुए पंचायत समिति परिसर की पानी की टंकी पर चढ़ गई। सूर्योदय से पहले शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन करीब साढ़े 11 घंटे तक चला और पूरे दिन प्रशासन व पुलिस की सांसें अटकी रहीं।
सुबह करीब चार बजे दोनों महिलाओं के टंकी पर चढ़ने की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। समझाइश के कई दौर चले, लेकिन महिलाएं अपनी मांगों पर अड़ी रहीं। आखिरकार दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा के हस्तक्षेप और मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के आश्वासन के बाद दोपहर 3.20 बजे दोनों टंकी से नीचे उतरी। इसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों महिलाएं सुबह एक काले रंग की कार से पहुंचीं और पंचायत समिति परिसर में प्रवेश कर टंकी पर चढ़ गई। एहतियात के तौर पर आपदा प्रबंधन टीम ने टंकी के चारों तरफ सुरक्षा जाल लगाया, जबकि कई थानों का पुलिस जाब्ता पूरे दिन तैनात रहा। उनका आरोप है कि 29 मई को हुए समझौते के बावजूद अब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उन्हें दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। मौके पर पूर्व विधायक गजराज खटाना, पूर्व जिला प्रमुख अजीत सिंह महुवा, रतन पटेल, लक्ष्मीनारायण अगावली, अभिषेक मीणा कौलाना सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा और पूर्व विधायक गजराज खटाना ने कहा कि क्षेत्र में नशे का कारोबार गांव-ढाणियों तक पहुंच चुका है, जिससे अपराध बढ़ रहे हैं और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने इस नेटवर्क पर कठोर कार्रवाई की जरूरत बताई। साथ ही कहा कि मुआवजा राशि का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजे जाने का आश्वासन मिला है।
पूरा दिन टंकी पर बैठी मां और बहू के बीच सबसे मार्मिक दृश्य मृतक की डेढ़ वर्षीय पुत्री रही, जो नीचे खेलती रही। उसे यह भी पता नहीं था कि उसकी मां और दादी किस दर्द के साथ आंदोलन कर रही हैं। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई। बाद में पुलिसकर्मियों ने बच्ची को गोद में लेकर परिजनों के सुपुर्द किया।
मृतक की मां और पत्नी ने आरोपियों का मुख्य बाजार में जुलूस निकालने, कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को मौके पर बुलाने, 50 लाख रुपए मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग रखी है। उन्होंने सात दिन में कार्रवाई नहीं होने पर फिर आंदोलन की चेतावनी दी है। उपखंड अधिकारी रविकांत सिंह ने बताया कि मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है तथा अन्य मांगों को लेकर आवश्यक प्रस्ताव उच्च स्तर पर भेजे जा चुके हैं।
जिस पानी की टंकी पर दोनों महिलाएं चढ़ीं, उसकी चार-पांच सीढ़ियां पहले से टूटी हुई थीं और मौके पर मौजूद नहीं थीं। ऐसे में करीब 10 से 15 फीट ऊंचाई तक पहुंचना चर्चा का विषय बना रहा। लोगों के बीच यह सवाल दिनभर गूंजता रहा कि आखिर महिलाएं वहां तक पहुंचीं कैसे। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है।
28 मई को दिनेश मीणा को बाइक चोरी के शक में कुछ लोगों ने पकड़कर पेड़ से बांध दिया और बेरहमी से मारपीट की।गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने दो दिन तक अस्पताल में धरना दिया था। समझौते के बाद आंदोलन समाप्त हुआ, लेकिन मांगों पर कार्रवाई नहीं होने के आरोप के चलते परिवार ने फिर विरोध शुरू कर दिया। मामले में पुलिस अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है और जांच जारी है।