दौसा

हाथरस हादसा : राजस्थान के दौसा से जुड़े बाबा भोले के तार, पेपर लीक आरोपी के घर में लगाया था दरबार

स्थानीय लोगों का तो यहां तक कहना है कि बाबा भोले की निजी सुरक्षा में दर्जनों गार्डों की तैनाती रहती थी। इसके चलते आम आदमी बाबा से नहीं मिल सकता था। यदि ज्यादा मजबूरी हुई तो आधार कार्ड के जांच के बाद ही दरबार में जाने की अनुमति मिलती थी।

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Jul 03, 2024

Dausa News : दौसा. उत्तर प्रदेश के हाथरस में बाबा भोले के सत्संग के दौरान हादसा होने के बाद अब इस मामले का राजस्थान के दौसा से नया कनेक्शन जुड़ गया है। बाबा भोले दौसा शहर के आगरा रोड के गोविंद देव जी मंदिर के सामने कॉलोनी में कई दिनों तक अपना दरबार लगाते थे और मजे की बात यह है कि यह दरबार आम भक्तों के लिए नहीं, बल्कि स्पेशल भक्तों के लिए होता था। अब जब बाबा भोले का दौसा से भी कनेक्शन सामने आया है, तो पता चला है कि दौसा से पेपर लीक मामले में पहले से एसओजी द्वारा गिरफ्तार आरोपी हर्षवर्धन मीना के मकान में बाबा का भव्य दरबार लगता था।

इसके तहत अब लग रहा है कि पेपर लीक मामले में बाबा भी जांच के घेेेरे में आ सकते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक दौसा में दरबार के दौरान हजारों की संख्या में यूपी सहित अन्य जगहों से लोग पहुंचते थे। सबसे बड़ी बात यह है कि बाबा भोले के इस दरबार में अनजान व्यक्ति के आने की पूर्ण पाबंदी रहती थी।

Haathras Stampede : स्थानीय लोगों का तो यहां तक कहना है कि बाबा भोले की निजी सुरक्षा में दर्जनों गार्डों की तैनाती रहती थी। इसके चलते आम आदमी बाबा से नहीं मिल सकता था। यदि ज्यादा मजबूरी हुई तो आधार कार्ड के जांच के बाद ही दरबार में जाने की अनुमति मिलती थी। लोगों की भीड़ इतनी होती थी कि पूरी सड़क जाम हो जाती थी, लेकिन इनमें स्थानीय लोग नहीं होते थे।

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पहलेसे राजस्थान पुलिस एसओजी पेपर लीक मामले में सतर्क और सक्रिय है और अब बाबा भोले की तलाश भी शुरू होने लगी है। फिलहाल हर्षवर्धन पटवारी के मकान को एसओजी की कस्टडी में सील किया हुआ है और हर्षवर्धन मीना एसओजी की गिरफ्त में है। यह भी बताया जा रहा है कि बाबा भोले ने हाईवे पर स्थित गांव कांदोली में भी दो-तीन बार दरबार लगाया था। बाबा के सेवादार ही व्यवस्था संभालते थे।

--आईएएनएस

Updated on:
03 Jul 2024 10:12 pm
Published on:
03 Jul 2024 10:03 pm
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