Motivational Story: बीए तक पढ़े करीब पचास साल के घनश्याम ने बताया कि एक डिब्बे पर करीब 2000 से 2200 रुपए का शहद मिल जाता है। 1200 डिब्बे हैं। पिछले वर्ष दिसम्बर तक उसने लगभग 25 लाख से ज्यादा का शहद बेचा है।
Beekeeping Business In Rajasthan: दौसा जिले के सिकंदरा के निकट पीपलकी गांव का किसान घनश्याम गुर्जर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है। सरकारी नौकरी के पीछे नहीं भाग कर घनश्याम ने वर्ष 2002 में 20 डिब्बों से मधुमक्खी पालन शुरू किया।
अब उसके पास 1200 डिब्बे हैं। इन डिब्बों से वह हर साल करीब 22 से 25 लाख रुपए का शहद बेच रहा है। इस पर करीब पांच लाख रुपए का खर्चा हो जाता है। हर साल लगभग बीस लाख रुपए की बचत कर रहा है। यह बचत सरकारी कर्मचारियों व कई अफसरों से ज्यादा है। इसके अलावा खेती से भी लाखों रुपए की आय हो रही है।
बीए तक पढ़े करीब पचास साल के घनश्याम ने बताया कि एक डिब्बे पर करीब 2000 से 2200 रुपए का शहद मिल जाता है। 1200 डिब्बे हैं। पिछले वर्ष दिसम्बर तक उसने लगभग 25 लाख से ज्यादा का शहद बेचा है। एक डिब्बे में चालीस हजार से 80 हजार के बीच मधुमक्खियां होती है। इनमें एक रानी तथा शेष श्रमिक व नर होते हैं। एक डिब्बे में एक साल में करीब पच्चीस से तीस लीटर शहद का उत्पादन हो जाता है।
इस काम में घनश्याम की पत्नी अनिता, बेटे और अन्य सदस्य भी सहयोग करते हैं। अधिकतर शहद मल्टीनेशनल कंपनियां सीधे खेत से ही ले जाती है। इसके अलावा भरतपुर व सोनीपत की कंपनी भी उसके पास खरीदने के लिए आती है। कुछ शहद वे स्थानीय बाजार में भी बेचते हैं। अगली योजना खुद का ब्रांड बनाने व प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की है। कई बार मधुमक्खी डंक भी मार देती है। बचने के लिए स्पेशल किट पहनते हैं।
उद्यान विभाग दौसा के उप निदेशक जगदीश मीणा व सहायक निदेशक सुभाष परसोया ने बताया कि डिब्बों व कॉलोनी पर किसानों को चालीस फीसदी अनुदान दिया जा रहा है। जगदीश गुर्जर के अलावा जयसिंहपुरा के हरिसिंह, नरेन्द्र व अन्य किसान भी मधुमक्खी पालन कर रहे हैं।
एक बार वह अलवर में सेना भर्ती में गया था। वहां बहरोड के निकट सरसों के खेतों में डिब्बे दिखाई दिए। उसने भर्ती से लौटते समय इनकी जानकारी जुटाई। इसके बाद कृषि व उद्यान विभाग से ट्रेनिंग व जानकारी लेकर मधुमक्खी पालन शुरू कर दिया।
घनश्याम अब सौंफ वाला अलग शहद तैयार कर रहा है। इसके लिए वह श्रमिक मधुमक्ख्यिों को सौंफ के खेतों के आस-पास रखता है। इस शहद की ज्यादा मांग रहती है।