दौसा

Dausa News: 38 घरों पर चल सकता है बुलडोजर, भूमि खाली करने का मिला नोटिस, पीड़ितों ने मदद की लगाई गुहार

राजस्थान के दौसा जिले में वर्षों से बसे 38 परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है। मकान हटाने और भूमि खाली करने का नोटिस मिलने के बाद प्रभावित परिवार शुक्रवार को मंडावर उपखंड कार्यालय पहुंचे और कार्यकारी उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर राहत की गुहार लगाई।

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Jun 05, 2026
Dausa News
प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो-एआई)

दौसा। जिले के मंडावर क्षेत्र स्थित महुखुर्द गांव में 38 परिवारों के सामने बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। भूमि खाली करने और मकान हटाने का नोटिस मिलने के बाद प्रभावित परिवारों में चिंता और भय का माहौल है। मामले को लेकर ग्रामीण शुक्रवार को मंडावर उपखंड कार्यालय पहुंचे और कार्यकारी उपखंड अधिकारी संतोष गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर राहत की मांग की। पीड़ितों का कहना है कि अगर उनके घरों पर बुलडोजर कार्रवाई होती है तो वे बेघर हो जाएंगे, उनके घरों के बच्चे-महिलाएं कहां जाएंगे?

ग्रामीणों का कहना है कि वे कई दशकों से गांव में बसे हुए हैं और उनके मकान विभिन्न सरकारी अभिलेखों में दर्ज हैं। प्रभावित परिवारों के अनुसार उनके पास ग्राम पंचायत द्वारा जारी दस्तावेज, पट्टे, विद्युत कनेक्शन, बिजली बिल, निर्वाचन नामावली में नाम सहित अन्य सरकारी रिकॉर्ड उपलब्ध हैं, जो उनके लंबे समय से यहां निवास करने का प्रमाण हैं। ऐसे में अचानक मिले नोटिस ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

मंडावर उपखंड कार्यालय में ज्ञापन सौंपते महुखुर्द के प्रभावित परिवार। (फोटो-पत्रिका)

रहने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं

ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि यदि प्रशासन की ओर से बेदखली या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाती है तो दर्जनों परिवारों के सामने आवास का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। इसका सबसे अधिक असर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और श्रमिक वर्ग पर पड़ेगा, जिनके पास रहने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। लोगों का कहना है कि वर्षों से बसे परिवारों को बिना पर्याप्त जांच और सुनवाई के हटाना सामाजिक और मानवीय दृष्टि से भी उचित नहीं होगा।

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पीड़ितों ने की जांच की मांग

प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम गठित कर सभी दस्तावेजों और रिकॉर्ड का परीक्षण कराया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। उन्होंने मांग की कि जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की बेदखली, निष्कासन या बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।

बस्ती को आबादी में दर्ज करने की मांग

दौसा जिले के पीड़ित ग्रामीणों ने यह भी आग्रह किया है कि संबंधित बस्ती को "पुरानी आबादी" अथवा "आबादी क्षेत्र" के रूप में दर्ज किया जाए, ताकि वहां वर्षों से रह रहे परिवारों को कानूनी सुरक्षा मिल सके। उनका कहना है कि यह केवल मकानों का नहीं, बल्कि दर्जनों परिवारों के भविष्य और जीवनयापन का सवाल है।

अब सरकार से राहत की गुहार

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी प्रभावित परिवार ग्राम पंचायत महुखुर्द के प्रशासक पुष्पेंद्र शर्मा को ग्राम विकास अधिकारी की मौजूदगी में ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्या से अवगत करा चुके हैं। अब ग्रामीणों को प्रशासन की आगामी कार्रवाई और निर्णय का इंतजार है।

Published on:
05 Jun 2026 08:37 pm