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जैसलमेर में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, 300 बीघा भूमि हुई कब्जा मुक्त, आगे भी जारी रहेगा अभियान

जैसलमेर शहर के तेजी से विकसित हो रहे बाईपास क्षेत्र में शुक्रवार को नगर विकास न्यास ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 300 बीघा सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। सुबह शुरू हुआ यह अभियान दिनभर चर्चा का विषय बना रहा।

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Jaisalmer encroachment drive

फोटो पत्रिका नेटवर्क

जैसलमेर। शहर के तेजी से विकसित हो रहे बाईपास क्षेत्र में शुक्रवार को नगर विकास न्यास ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 300 बीघा सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। सुबह शुरू हुआ यह अभियान दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। प्रशासनिक अमले, राजस्व टीम और पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध कब्जों को हटाया गया। मुक्त कराई गई भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य 100 करोड़ रुपए से अधिक आंका जा रहा है।

यह कार्रवाई राजस्व ग्राम जैसलमेर के खसरा संख्या 678 एवं 679 में की गई। संबंधित भूमि नवीन बाईपास मार्ग के दोनों ओर स्थित है, जो बाड़मेर रोड को एयरपोर्ट सर्किल से जोड़ता है। बाईपास बनने के बाद इस क्षेत्र का महत्व तेजी से बढ़ा और भूमि की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इसी का लाभ उठाते हुए कुछ लोगों ने सरकारी भूमि पर कच्चे-पक्के निर्माण, चारदीवारियां तथा अन्य ढांचे खड़े कर अवैध कब्जा जमा लिया था।

नोटिस जारी किए, पर्याप्त समय दिया…. अब कार्रवाई

नगर विकास न्यास को लंबे समय से इस क्षेत्र में अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। जांच के बाद संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए और भूमि खाली करने के लिए पर्याप्त समय भी दिया गया। कई बार समझाइश और चेतावनी के बावजूद कब्जे नहीं हटने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई का निर्णय लिया।

शुक्रवार सुबह जैसे ही प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं, क्षेत्र में हलचल बढ़ गई। जेसीबी मशीनों और अन्य संसाधनों की सहायता से अवैध निर्माणों को हटाया गया। पूरे अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई, ताकि किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। अधिकारियों की निगरानी में एक-एक कर अतिक्रमण हटाए गए और भूमि को पुनः सरकारी नियंत्रण में लिया गया।

यूआईटी सचिव सुखराम पिंडेल ने बताया कि अभियान के दौरान प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण भी अपनाया। जिन पक्के मकानों में परिवार निवास कर रहे थे, उन्हें तत्काल बेदखल नहीं किया गया। ऐसे परिवारों को अपना सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाने और भूमि खाली करने के लिए दो दिन का समय दिया गया है। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सरकारी भूमि संरक्षण को लेकर प्रशासन की सख्ती का संदेश भी गया है।