दौसा में भूकम्प की स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ ने मॉक ड्रिल कर बचाव का अभ्यास किया। ड्रिल में ढहे मकान से चार जनों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाने का सफल प्रदर्शन किया गया।
दौसा। शहर में बुधवार दोपहर बाद तीन बजकर पांच मिनट पर भूकम्प आया। भूकम्प से कलक्ट्रेट के पास एक घर ढह गया। इसके बाद तुरंत पहुंची टीमों ने चार जनों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाई। यह हकीकत में नहीं हुआ, बल्कि गुजरात के वडोदरा से आई एनडीआरएफ टीम ने मॉक ड्रिल के दौरान बचाव के अभ्यास में यह किया।
कलक्ट्रेट में एनडीआरएफ के अधिकारियों ने आमजन को भी बचाव के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां बताईं। इस दौरान कलक्टर देवेन्द्र कुमार, एसपी सागर राणा, एडीएम अरविंद कुमार शर्मा, एएसपी हेमंत, एसडीएम संजू मीणा, तहसीलदार गजानंद मीणा, यूआईटी सचिव महेन्द्र लूणिया, डिप्टी धर्मेन्द्र, नगर परिषद आयुक्त कमलेश मीणा, कोतवाल भगवान सहायक, पटवारी सीताराम मीणा सहित अनेक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
भूकम्प के दौरान बचाव में काम लिए जाने वाले उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। एनडीआरएफ के अधिकारियों ने एक-एक उपकरण के उपयोग की जानकारी दी। साथ ही सैटेलाइट फोन की जानकारी दी।
मॉक ड्रिल में सभी विभाग और जरूरी टीमें समय पर पहुंच गईं, लेकिन हकीकत में अगर ऐसा हो गया तो एम्बुलेंस का अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। पीजी कॉलेज से गांधी तिराहा होते हुए संस्कृत कॉलेज तक सड़क के दोनों तरफ अतिक्रमण हो रहे हैं, लेकिन यहां अतिक्रमण नहीं हटाए जा रहे हैं। आए दिन जाम जैसे हाल रहते हैं। लोगों का कहना है कि यदि हकीकत में किसी दिन जरूरत पड़ गई तो एम्बुलेंस जाम में फंस सकती है।