
Dausa Agriculture News: दौसा। जिले में खरीफ सीजन 2026 में करीब 1 लाख 68 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई का लक्ष्य रखा गया है। इसमें सबसे अधिक 1 लाख 35 हजार हेक्टेयर में बाजरे की बुवाई प्रस्तावित है। लेकिन पिछले चार वर्षों से बाजरे की फसल में सफेद लट की समस्या दौसा के किसानों के लिए बड़ी चिंता बनी हुई है। यह लट फसल की जड़ों को नुकसान पहुंचाती है, जिससे पौधे सूखने लगते हैं और उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बाजरे की खेती करने से इसका प्रकोप बढ़ता है। ऐसे में फसल चक्र, बीजोपचार और फिरोमोन ट्रैप जैसे उपाय अपनाकर इससे बचाव किया जा सकता है।
एक्सपर्ट के अनुसार यह अण्डे के बाद कीट की दूसरी अवस्था लार्वा है। इस लार्वा का मुंह लाल व शरीर सफेद रंग का होता है। लार्वा को ही किसान स्थानीय भाषा में लट बोलते हैं। इसके बाद लार्वा प्यूपा में बदल जाता है। प्यूपा का जीवन लम्बा होता है। प्यूपा विपरीत मौसम में भी लम्बे समय तक जमीन में जिंदा रह जाता है। जब इसे अनुकूल मौसम मिलता है तो फिर प्यूपा पूर्ण कीट में बदल जाता है। यह कीट खेत के आस-पास पेड़ों पर रहता है। बरसात के दिनों में खेत में अंडे देता है। इसी अंडे से लार्वा बनता है।
सवाल: बाजरे में लट की समस्या है, इसका समाधान क्या है?
जवाब: सबसे जरूरी है फसल चक्र अपनाना। लगातार बाजरे की बजाय बदल-बदलकर दूसरी फसलों की बुवाई करें।
सवाल: क्या दूसरी फसलों में लट नहीं लगेगी?
जवाब: लट का मुख्य भोजन बाजरा और मूंगफली है। ग्वार, तिल, मूंग जैसी फसलों को यह नुकसान नहीं पहुंचाती।
सवाल: दूसरा उपाय क्या है?
जवाब: बुवाई से पहले सामूहिक रूप से फिरोमोन ट्रैप लगाएं, जिससे कीटों की संख्या कम होगी। खेत के बीच व मेढ पर उगे बबूल, नीम, खेजड़ा व अन्य पेडों पर कीटनाशकों का छिड़काव करें। इससे यह कीट अंडे देने से पहले ही मर जाएगा।
सवाल: तीसरा उपाय?
जवाब: बाजरे के बीज को इमिडाक्लोरोप्रिड 600 एफएस से 7-8 मिली प्रति किलो की दर से बीजोपचार करें और रबी फसल कटाई के बाद गहरी जुताई करें।
| फसल | बुवाई लक्ष्य (हेक्टेयर) | अब तक बुवाई (हेक्टेयर) |
|---|---|---|
| बाजरा | 1,35,000 | 6,750 |
| ज्वार | 3,000 | 255 |
| मक्का | 0 | 0 |
| मूंगफली | 14,000 | 1,550 |
| तिल | 7,000 | 0 |
| ग्वार | 4,000 | 0 |
| सब्जियां | 5,000 | 895 |
| कुल योग | 1,68,000 | 9,450 |