
दौसा। अवैध धर्मांतरण रोकने की मांग को लेकर हिन्दू संगठनों के पदाधिकारियों ने हल्ला बोल कार्यक्रम के तहत रविवार को रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान चाणक्य भवन परिसर के बाहर से रवाना हुई रैली में शामिल लोग हाथों में अवैध एवं जबरन धर्मांतरण रोकने की मांग लिखी हुई तख्तियां लेकर नारेबाजी करते चल रहे थे।
करीब आधा किलोमीटर चलने के बाद पुलिस जाप्ते ने उन्हें गणेशपुरा रोड पर आगे जाने से रोक दिया। इस पर तीखी नोकझोंक हुई और प्रदर्शनकारी सडक़ पर ही बैठ गए। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से कहा कि पहले भी परिवाद दिया गया था। इस पर अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में जांच की जा रही है। किसी के पास कोई अन्य साक्ष्य हो या बयान दर्ज करा सकते है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद लोगों ने प्रार्थना भवन की ओर जाने का प्रयास किया तो पुलिस ने जाने से रोक दिया। इसके बाद लोग दोबारा सडक़ पर बैठ गए एवं हनुमान चालीसा का पठन किया। इस दौरान करीब डेढ़ घण्टे तक सडक़ पर प्रर्दशनकारी डटे रहे। ऐसे में वाहन चालक मशक्कत कर साइड में से जाते हुए दिखाई दिए।
पुलिस ने गणेशपुरा रोड पर आगे बढऩे से रोकने पर प्रदर्शनकारी वहीं बैठे रहे। इसके बाद आगे नहीं बढऩे दिया तो हल्की गहमा-गहमी हो गई। इस दौरान लोगों ने अवैध रूप से धर्मांतरण पर जमकर नारेबाजी कर विरोध जताया।
रैली के दौरान पीछे एक जेसीबी भी चल रही थी। इस पर कई लोग सवार थे। इसके अलावा ई-रिक्शे से भी माइक लगाकर अवैध धर्मांतरण रोकने के लिए नारेबाजी की जा रही थी। बाद में प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सांकेतिक रूप से विरोध प्रदर्शन के लिए जेसीबी लेकर आए है।
मौके पर डिप्टी एसपी रविप्रकाश शर्मा, कोतवाली थाना अधिकारी सुधीर उपाध्याय समेत काफी संख्या में पुलिस व आरएसी का जाप्ता तैनात रहा। प्रार्थना भवन के बाहर भी पुलिसकर्मी मौजूद रहे। गौरतलब है कि गत रविवार को भी कई संगठनों के पदाधिकारियों ने पहुंचकर विरोध जताया था। इस दौरान उन्होंने प्रलोभन देकर धर्मांतरण का आरोप लगाया था। इस पर पुलिस ने परिवाद लेकर समझाइश कर वापिस भेज दिया था।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अवैध धर्मांतरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आर्थिक स्थिति से कमजोर, उपचार के नाम पर एवं अन्य प्रलोभन दिए जाते हैं। ऐसे में प्रशासन से मांग है कि शीघ्र कार्रवाई करें। वहीं सरकार की ओर से अवैध धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून बनाया जाए। प्रशासन से मांग है कि अवैध रूप से संचालित केन्द्र को बंद कराया जाए।
इस संबंध में परिवाद प्राप्त हुआ था। जिसकी जांच की जा रही है। संबंधित पक्षों के बयान लिए गए हैं। अनुसंधान जारी है। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रविप्रकाश शर्मा, डिप्टी एसपी दौसा