
दौसा। डीएपी चाहिए तो पहले नैनो यूरिया खरीदो…। दौसा जिले में डीएपी वितरण की व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। डीएपी कब और कहां आएगा, इसकी सूचना जिम्मेदार सार्वजनिक नहीं कर रहे। ऐसे में किसान जानकारी के अभाव में भटक रहे हैं और पता चलते ही घंटों धूप में कतार में लगने को मजबूर हैं।
दौसा शहर के कृषि विक्रय केंद्र पर सुबह से शाम तक किसानों को डीएपी के लिए लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, किसानों का आरोप है कि दो कट्टे डीएपी लेने के साथ दो नैनो यूरिया के डिब्बे खरीदने की अनिवार्यता बताई गई। इससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई। खास बात यह है कि हर साल डीएपी के वितरण के दौरान ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से व्यवस्था सुधारने के बजाय किसानों को ही परेशानी उठानी पड़ रही है।
सरसों व चने की बुवाई का समय होने से किसानों को डीएपी की तत्काल जरूरत है। इसके बावजूद वितरण केंद्रों पर डीएपी पहुंचने की सूचना पहले से नहीं मिलने के कारण किसान कतार में पहुंच रहे हैं। केंद्र पर छाया की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से उन्हें धूप में इंतजार करना पड़ा।
जिम्मेदार कर्मचारी से पत्रिका टीम ने सवाल किया कि यहां स्टॉक, मूल्य व मोबाइल नम्बर क्यों लिखे गए हैं। इस पर कहा कि मोबाइल नम्बर देने से साहब ने मना किया है। नम्बर देने के बाद किसान हमारे साहब को परेशान करते हैं। इसलिए आपको भी नम्बर दे सकते। वहीं केन्द्र पर लगे सूचना पट्ट भी डिटेल नहीं लिखी है।
डीएपी का वितरण गुपचुप नहीं किया जाए। इसकी सूचना एक दिन पहले सार्वजनिक की जाए। ताकि किसान अचानक काम छोड़कर नहीं आए। पहले से योजना बनाकर आए। सूचना देने में क्या दिक्कत है।
मैंने दो घंटे कतार में खड़े रहकर दो कट्टे डीएपी लिए हैं। मुझे कहा आप पहले दो नैनो डीएपी खरीदो तब ही डीएपी मिलेगा। मुझे जबरदस्ती नैनो डीएएपी के दो डिब्बे खरीदने पड़े हैं। यह अनिवार्यता बंद होनी चाहिए।
दौसा के जिम्मेदार अधिकारी डीएपी आने की सूचना नहीं देते। जिले के प्रभारी सचिव व प्रभारी मंत्री को ध्यान देना चाहिए। किसान भटकने को मजबूर हो रहे हैं। गांव में पड़ौसी दोपहर को दो कट्टे लेकर पहुंचा तो तो सभी काम छोड़कर मैं भी आकर कतार में लग गया।
जल्द होगा वितरण
किसानों को सरसों की बुवाई के लिए बुधवार तक जिले की क्रय-विक्रय सहकारी समितियों सहित ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 556.5 मीट्रिक टन डीएपी पहुंच चुका है। जिले के अन्य स्थानों पर सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को जल्द ही डीएपी का वितरण कराया जाएगा।