
Chaiwalas : …सारी दुनिया भुलाए बैठा हूं, ये न सोचो कि मुझको प्यार नहीं…। अयोध्या में दो माह पहले बनाई गई यह रील अब 'चायवालाज' के संस्थापक और लेखक रोहित शर्मा की याद बन गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस रील को देखकर उनके मित्र और परिजन भावुक हो रहे हैं। 30 वर्षीय रोहित ने शनिवार रात दौसा में अपने घर पर जान दे दी। रविवार को साकेत कॉलोनी स्थित उनके घर में मातम पसरा रहा।
रोहित शर्मा के पिता हितेंद्र मोहन शर्मा बेटे को याद कर भावुक हो रहे थे। वहीं सात वर्षीय पुत्र अभी भी इस गहरे दुख को पूरी तरह समझ नहीं पा रहा। घर में रखी रोहित की किताबें, सम्मान पत्र और तस्वीरें उनके अधूरे सपनों की कहानी बयां कर रही है।
परिजन और दोस्तों के अनुसार रोहित छह माह से आध्यात्म की ओर झुक गए थे। उन्होंने अपने सभी 'चायवालाज' आउटलेट बंद कर दिए थे और लेखन व धार्मिक यात्राओं में समय बिताने लगे थे। अयोध्या, बनारस और वृंदावन के आश्रमों में उनका आना-जाना बढ़ गया था। वे संतों को चाय बनाकर पिलाते और घंटों आध्यात्मिक चिंतन में लीन रहते थे। 4 वर्ष पहले उन्हें स्टार्टअप के लिए नेशनल अवार्ड भी मिल चुका था।
रोहित शर्मा ने 'तत्सुखे सुखित्वं' और 'विरह' नाम से दो पुस्तकें लिखीं। उनकी पुस्तक 'तत्सुखे सुखित्वं' को पाठकों ने काफी सराहा। किताबों में प्रेम, विरह और आत्मिक अनुभूतियों को उन्होंने अपने शब्दों में व्यक्त किया था। करीब चार वर्ष पहले रोहित को 'चायवालाज' स्टार्टअप के लिए नेशनल एमएसएमई अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। रोहित ने प्रेमानंंद महराज को अपनी पुस्तक 'तत्सुखे सुखित्वं' भेट की थी। इसका वीडियो उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था।
दौसा कोतवाली थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। जान देने के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ। डिप्टी एसपी धर्मेंद्र शर्मा का कहना मृतक के पास कोई लिखित नोट बरामद नहीं हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, आने पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। रोहित के पिता हितेंद्र मोहन शर्मा मेडिकल स्टोर चलाते हैं, जबकि उनकी पत्नी एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं।
राजस्थान के दौसा के रहने वाले रोहित शर्मा 'चायवालाज' के नाम से मशहूर थे। रविवार को उनकी लाश घर में ही फंदे पर लटकते हुए मिली थी। उन्होंने मात्र 17 साल की उम्र में स्टार्टअप शुरू किया था। जयपुर के मानसरोवर में पहला टी कैफे खोला। जयपुर सहित 7 शहरों में 'चायवालाज' के आउटलेट थे।