दौसा

सचिन पायलट का केंद्र सरकार पर हमला: ‘नौजवानों के सपने बर्बाद कर रही सरकार, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत दें इस्तीफा’

Sachin Pilot News राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नीट धांधली और युवाओं के मुद्दों पर केंद्र सरकार का रवैया तानाशाही पूर्ण है।
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Jul 22, 2026
sachin pilot
sachin pilot। Photo X @SachinPilot

दौसा। राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नीट धांधली और युवाओं के मुद्दों पर केंद्र सरकार का रवैया तानाशाही पूर्ण है। लाखों-करोड़ों नौजवानों के सपनों को बर्बाद करने की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

'खरगे और राहुल कोई आतंकवादी नहीं, जिन्हें सड़क पर घसीटा गया'

सचिन पायलट ने कहा कि राज्य सभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी कोई आतंकवादी नहीं है, फिर भी उन्हें सड़क पर घसीटा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विपक्षी नेता लोक कल्याण मार्ग पर शांतिपूर्ण धरना देकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग कर रहे थे, तो इसमें गलत क्या है? सरकार को छात्रों पर दर्ज झूठे मुकदमे तुरंत वापस लेने चाहिए।

'हिंदू-मुसलमान की राजनीति अब नहीं चलेगी'

पायलट ने आरोप लगाते हुए कहा कि जो इस दमनकारी सरकार की नीतियों के खिलाफ हैं, हम सब उसके साथ हैं। इसमें कोई दल, कोई विचारधारा, कोई पार्टी की बात नहीं है। अभी बहुत समय राजनीति करने का है, लेकिन आज हमें छात्रों के जख्मों पर मरहम लगाना है। युवाओं को विश्वास देना है। इस देश के नौजवानों का विश्वास अगर हमारी व्यवस्था से उठ जाएगा, तो देश के लिए बड़ा संकट पैदा होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा वाले इस बात को समझ नहीं रहे। वे समझ रहे हैं कि बस प्रचार करके और लोगों को जुमले देकर और हिंदू-मुसलमान की बात करके लोगों का वोट बटोरते रहेंगे। यह बहुत लंबा चलने वाला नहीं है।

'पीएम मोदी की नाक के नीचे बर्बरता, फिर भी साधी चुप्पी'

उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नाक के नीचे इस प्रकार छात्रों व निर्दोष लोगों और लड़कियों के साथ बर्बरता की गई है। इनको अपना घमंड छोड़कर वास्तविकताओं पर जमीन पर सरकार को उतरना पड़ेगा। धरने के लिए मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास के बाहर जाकर नहीं बैठे, तो कहां बैठे। प्रधानमंत्री इस देश में और हर बातों में तो पहल करते हैं, वह कोई मौका छोड़ते नहीं हैं, लेकिन इतना बड़ा मुद्दा हुआ, जिस पर उन्होंने चुप्पी साध रखी है। अभी भी राहुल गांधी पर आरोप लगाए जा रहे हैं, जिन्होंने अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाई है। वह विपक्ष के नेता हैं और अगर विपक्ष की तरफ से अपनी मांग को रखते हैं तो प्रधानमंत्री को उस मांग को सुनना चाहिए।

Updated on:
22 Jul 2026 05:36 pm
Published on:
22 Jul 2026 05:36 pm