दौसा जिले के लवाण को उपखंड बने सात वर्ष से अधिक समय हो चुका है, लेकिन आज तक यहां खेल मैदान या स्टेडियम विकसित नहीं किया गया। स्थानीय प्रशासन और नगरपालिका की ओर से भी इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
दौसा। दौसा जिले के लवाण को उपखंड बने सात वर्ष से अधिक समय हो चुका है, लेकिन आज तक यहां खेल मैदान या स्टेडियम विकसित नहीं किया गया। स्थानीय प्रशासन और नगरपालिका की ओर से भी इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। ना ही यहां के चुन हुए सांसदों व विधायकों ने कभी इस तरफ ध्यान दिया। उपखंड मुख्यालय लवाण में खेल मैदानों और स्टेडियम के अभाव के कारण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं का विकास प्रभावित हो रहा है।
क्षेत्र में नर्सरी से 12वीं तक 81 सरकारी और 42 निजी विद्यालय संचालित हैं, लेकिन अधिकांश स्कूलों में खेल मैदान या तो नहीं हैं या बदहाल स्थिति में पड़े हैं।शिक्षा विभाग की ओर से कागजों में स्कूल परिसरों में खेल मैदान दर्शाए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अलग नजर आती है। कई विद्यालयों में खेल मैदान नहीं हैं, जबकि कुछ स्थानों पर मैदान अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुके हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को खेल गतिविधियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेल भी जरूरी है, लेकिन खेल सुविधाओं के अभाव में बच्चों के स्वास्थ्य और प्रतिभा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
खेल मैदान नहीं होने से खिलाड़ियों को तालाबों और खुले खेतों में अभ्यास करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में करीब चार महीने तक खेल गतिविधियां लगभग बंद हो जाती हैं, जिससे खिलाड़ियों की रुचि प्रभावित हो रही है। कई खिलाड़ी बेहतर अभ्यास के लिए निजी खर्च पर जयपुर जाकर प्रशिक्षण लेने को मजबूर हैं।
सरकार की ओर से उपखंड मुख्यालयों पर खेल स्टेडियम विकसित करने की घोषणाएं की गई थीं, लेकिन लवाण में अब तक कोई कार्य शुरू नहीं हो पाया है। यदि यहां स्टेडियम विकसित किया जाए तो खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी संभव हो सकेगा। मेजर ध्यानचंद खेल स्टेडियम योजना लाल फीते से बाहर नहीं आ रही।
खेल स्टेडियम के लिए जमीन आवंटन को लेकर अभी तक कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश मिलने पर जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी।
-रेखा मीणा, उप जिला कलक्टर लवाण
लवाण उपखंड मुख्यालय पर खेल स्टेडियम की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि स्टेडियम निर्माण की योजना बनती है तो वे स्वयं भी सहयोग करेंगे और सरकार से भी बजट उपलब्ध करवाएंगे।
-डीसी बैरवा, विधायक दौसा
उपखंड मुख्यालय पर खेल स्टेडियम के नहीं होने से परेशानी होती है, खेलने के लिए जगह व संसाधन के नहीं होने से जयपुर जाकर तैयारी करनी पड़ती है।
-राम शर्मा, खिलाड़ी
स्कूल में भी खेल मैदान व उपखंड मुख्यालय पर स्टेडियम का होना बहुत जरूरी है, खेलने में भारी परेशानी होती है, खेतों व तालाब में खेलने को मजबूर हो रहे हैं। तैयारी के लिए बाहर जाना पड़ता है।
-कमलेश बैरवा, खिलाड़ी।