दौसा

Manoj Meena Suicide: विक्रम ने बताया- शीतल की मौत के बाद बड़े भैया मनोज मीणा क्यों टेंशन में थे?

Manoj Meena-Sheetal Meena Death Case: सिकराय उपखंड मुख्यालय स्थित उपकोष कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ लेखाकार शीतल मीणा की संदिग्ध मौत के मामले में अब नया मोड़ आ गया है।
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Jun 13, 2026
Manoj Meena Death case
शीतल मीणा, मनोज व इनसेट में विक्रम मीणा। फोटो: पत्रिका

महुवा/सिकराय। सिकराय उपखंड मुख्यालय स्थित उपकोष कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ लेखाकार शीतल मीणा की संदिग्ध मौत के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। शीतल की मौत के एक दिन बाद उपकोष अधिकारी मनोज मीणा ने महुवा में अपने आवास पर आत्महत्या कर ली। मौके से मिले कथित सुसाइड नोट में उन्होंने दो व्यक्तियों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, अभी तक तस्वीर साफ नहीं हो पाई है कि शीतल मीणा की मौत के पीछे असली वजह क्या रही। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मनोज मीणा ने खुदकुशी क्यों की?

इसी बीच मनोज मीणा के छोटे भाई विक्रम मीणा का बड़ा बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने बताया कि शीतल मीणा की मौत के बाद उनके बड़े भाई मनोज क्यों परेशान थे? उन्होंने मीडिया को बताया कि मैं पास में शिव कॉलोनी में रहता हूं। भाई की मौत की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा तो देखा कि शव फंदे से लटका हुआ था। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारकर दौसा के महुवा जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है। विक्रम मीणा ने कहा कि भुसावर नायब तहसीलदार और उसका साला शीतल की मौत मामले में फंसाने की धमकी दे रहे थे, जिसके चलते भाई मनोज ने खौफनाक कदम उठाया।

सुसाइड नोट में दो लोगों का उल्लेख

पुलिस सूत्रों के अनुसार मनोज मीणा द्वारा अपने पिता के नाम लिखे गए कथित सुसाइड नोट में लिखा गया है कि उनकी मौत के लिए लालपुर निवासी अरुण मीणा और उसका जीजा सोनू जिम्मेदार हैं। नोट के नीचे हस्ताक्षर भी किए गए हैं। पुलिस सुसाइड नोट की सत्यता और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। परिजनों का आरोप है कि पिछले कुछ समय से मनोज मानसिक तनाव में थे। शीतल मीणा की मौत के मामले में उन पर लगाए गए आरोपों और कथित दबाव के चलते वे परेशान चल रहे थे। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

पत्नी गई थी पीहर, पीछे से मनोज ने घर में की खुदकुशी

परिजनों के अनुसार घटना के समय मनोज मीणा घर पर अकेले थे। उनकी पत्नी पीहर गई हुई थीं। शुक्रवार सुबह पत्नी ने कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने मकान में रह रहे किराएदार से संपर्क किया। किराएदार ने कमरे में जाकर देखा तो मनोज अचेत अवस्था में मिले। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल में हंगामा, अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

मनोज मीणा की मौत के बाद जिला अस्पताल में माहौल गरमा गया। परिजनों ने दोषियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए शव लेने से इनकार कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बालाहेड़ी, मंडावर और सलेमपुर थाना प्रभारी सहित मानपुर वृत्ताधिकारी अस्पताल पहुंचे। बाद में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकरलाल मीणा तथा विधायक राजेन्द्र मीणा ने परिजनों से बातचीत कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। गमगीन माहौल में शुक्रवार शाम मनोज मीणा का अंतिम संस्कार किया गया।

Updated on:
13 Jun 2026 08:20 am
Published on:
13 Jun 2026 08:20 am