
Baba Ramdev Latest News:स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शनिवार को हरिद्वार में तिरंगा फहराने के बाद योग गुरु बाबा रामदेव ने देश की मौजूदा स्थिति को लेकर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने युवाओं में बढ़ते नशे, सरकारी भर्तियों में कथित भ्रष्टाचार, शिक्षा व्यवस्था और समाज में बढ़ती दूरी को लेकर चिंता जताई। रामदेव ने कहा कि अगर व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो उन्हें एक बार फिर आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरना पड़ सकता है।
बाबा रामदेव ने युवाओं और बच्चों में बढ़ती नशे की आदत पर चिंता जताते हुए कहा कि भारत की पहचान कभी संस्कार और अच्छे चरित्र के लिए होती थी। लेकिन अब कम उम्र के बच्चों में बीड़ी, सिगरेट और शराब जैसी चीजों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी का मतलब केवल तिरंगा फहराना नहीं है। देश को नशे, बीमारी और दूसरी सामाजिक बुराइयों से मुक्त करना भी जरूरी है।
सरकारी नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया को लेकर रामदेव ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कई जगह इंटरव्यू और भर्ती के नाम पर बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और सिफारिश का खेल चल रहा है। उनका आरोप है कि योग्य उम्मीदवारों की जगह जाति, पहचान और सिफारिश के आधार पर लोगों को फायदा पहुंचाया जाता है।
रामदेव ने कहा कि एक तरफ देश में 'सत्यमेव जयते' की बात होती है, लेकिन दूसरी तरफ भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रहती हैं। उन्होंने पेपर लीक और भर्ती में गड़बड़ी को लेकर भी सवाल उठाए।
योग गुरु ने सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में बच्चों के लिए पर्याप्त कमरे, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर युवाओं की नाराजगी को जायज बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इसके नाम पर हिंसा और उपद्रव नहीं होना चाहिए।
रामदेव ने जाति, धर्म और राजनीति के नाम पर लोगों के बीच बढ़ती दूरी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने की राजनीति देश को कमजोर करती है। उनके मुताबिक देश के संसाधनों और संपत्ति पर कुछ लोगों का प्रभाव बढ़ने से अमीर और गरीब के बीच की दूरी भी बढ़ रही है।
रामदेव ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अगर भ्रष्टाचार और व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो लोगों का गुस्सा बड़े आंदोलनों का रूप ले सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसी स्थिति में वह खुद भी दोबारा आंदोलन के मैदान में उतर सकते हैं।