देहरादून

युवाओं के हाथ में किताब-कंप्यूटर होना चाहिए, नशा नहीं, धामी बोले- नशे को ‘ना’, जिंदगी को ‘हां’ कहें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘नशा मुक्त उत्तराखंड’ वॉकथॉन में युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई सबकी साझा जिम्मेदारी है।
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Updated: 23 Oct 2026, 9:14 AM IST
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (सोर्स-ANI)

Uttarakhand Chief Minister Pushkar Singh Dhami: "जिस उम्र में युवाओं के हाथों में किताबें और कंप्यूटर होने चाहिए, वे खेल के मैदान में पसीना बहा रहे होने चाहिए, उस उम्र में नशा उनके हाथों तक पहुंचना पूरे समाज के लिए चिंता की बात है। नशा सिर्फ युवाओं के सपनों को नहीं तोड़ता, बल्कि परिवार की उम्मीदों को भी बिखेर देता है।" यह बात उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. बीआर अंबेडकर मैदान में आयोजित ‘नशा मुक्त उत्तराखंड’ वॉकथॉन कार्यक्रम में कही। उन्होंने ने 'नशा मुक्त उत्तराखंड' वॉकथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

नशा मुक्त उत्तराखंड संकल्प को करना होगा मजबूत

मुख्यमंत्री ने कहा कि वॉकथॉन में कदम से कदम मिलाकर चलना स्वस्थ और नशा मुक्त उत्तराखंड बनाने के संकल्प को मजबूती देता है। इस अभियान का संदेश घर-घर तक पहुंचाना होगा। उन्होंने युवाओं, छात्रों और बच्चों को अभियान से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि हर युवा तक नशे को ‘ना’ और जिंदगी को ‘हां’ कहने का संदेश पहुंचना चाहिए।

नशे से युवा ही नहीं, परिवार की उम्मीदें भी टूटती हैं

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि युवा देश, समाज और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य हैं। जब किसी युवा के हाथ में नशा पहुंचता है तो उसके अपने सपने ही नहीं बिखरते, बल्कि परिवार की उम्मीदें भी टूट जाती हैं। ऐसे युवाओं के कारण समाज और देश भी कमजोर होते हैं। कोई भी देश तभी मजबूत बन सकता है, जब उसकी युवा पीढ़ी हर लिहाज से मजबूत हो।

सरकार और पुलिस के भरोसे नहीं जीती जा सकती जंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या पुलिस के बल पर नहीं जीती जा सकती। यह सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने इस अभियान को जनभागीदारी से आगे बढ़ाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सामूहिक प्रयास करने की जरूरत बताई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ने वॉकथॉन के जरिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इस मुहिम को केवल कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि इसे हर युवा, छात्र और परिवार तक पहुंचाना जरूरी है।

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23 Oct 2026, 9:14 AM IST
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