
Mallikarjun Shuddhikaran Controversy: उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए शुद्धिकरण हवन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने इस घटना को दलित विरोधी मानसिकता से जोड़ा है जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे कांग्रेस की हताशा और कुंठा करार दिया। बता दें कि खरगे ने राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए सवाल किया था कि क्या लोकतंत्र में विपक्ष के नेता की सभा के बाद मंच का शुद्धिकरण कराया जाना उचित है?
हवन विवाद पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे एक बेहद सम्मानित नेता हैं और हम उनकी वरिष्ठता का पूरा सम्मान करते हैं। देवभूमि उत्तराखंड में किसी भी तरह से वर्ग, क्षेत्र या जाति पर आधारित चर्चा बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। सीएम धामी ने कहा कि इस तरह के हथकंडे अपनाकर मनगढ़ंत कहानी रचना कांग्रेस की बहुत बड़ी विफलता है और यह उनकी कुंठा को दर्शाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शुद्धिकरण इसलिए जरूरी था क्योंकि वह रामलीला का पवित्र मंच है जहां हर साल भगवान राम से जुड़े धार्मिक आयोजन होते हैं। रैली के दौरान वहां मूत्र से भरी खाली बोतलें फेंकी गईं और गंदगी फैलाई गई जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सीएम ने कहा कि कांग्रेस द्वारा इस घटना में जबरन दलित एंगल डालना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
दरअसल 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खरगे की एक बड़ी जनसभा हुई थी। रैली के ठीक 2 दिन बाद 10 अगस्त को श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास नाम के एक संगठन ने मैदान में पहुंचकर हवन किया और पूरे मैदान में गंगाजल छिड़का। संगठन का तर्क था कि यह सनातन धर्म से जुड़े कार्यक्रमों का पवित्र स्थल है और रैली के दौरान इसकी पवित्रता को भंग किया गया है। इसके तुरंत बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चूंकि रैली में राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे समेत कई दलित नेता शामिल हुए थे इसलिए जानबूझकर यह शुद्धिकरण किया गया है।
यह विवाद गुरुवार को संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में भी गूंजा। मल्लिकार्जुन खरगे ने सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि मैंने हल्द्वानी में रामलीला मैदान में लाखों लोगों को संबोधित किया था। मैंने किसी भी धर्म या समुदाय का नाम नहीं लिया सिर्फ सरकार से जुड़े मुद्दे उठाए थे।
उन्होंने कहा कि मेरे जाने के बाद बीजेपी के लोगों ने उस मंच को शुद्ध करने के लिए वहां बाकायदा हवन किया। खरगे ने सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या लोकतंत्र में ऐसा होता है क्या? आप इस तरह संविधान की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह दलित हैं लेकिन उन्होंने कभी किसी से अपनी रक्षा की गुहार नहीं लगाई। खरगे की इस शिकायत पर केंद्रीय मंत्री और सदन के नेता जेपी नड्डा ने घटना को दुखद बताते हुए मामले की जांच कराने का आश्वासन भी दिया।