
Jaspal Rana Death: खेल जगत के दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा के अचानक निधन से पूरा खेल जगत गहरे सदमे में है। इस दुखद खबर के बाद खेल प्रेमी और खिलाड़ी लगातार उन्हें नम आंखों से याद कर रहे हैं। इसी बीच उनकी शिष्या और पिस्तौल शूटर रेनुका नेगी ने बेहद भावुक होकर जसपाल राणा को श्रद्धांजलि दी है। रेनुका ने रोते हुए कहा कि उन्होंने न सिर्फ एक चैंपियन और बेहतरीन कोच खोया है, बल्कि एक ऐसा सच्चा मार्गदर्शक भी खो दिया है जो बिना कुछ बोले ही सामने वाले के मन की बात जान लेता था।
जसपाल राणा के साथ अपने रिश्ते को याद करते हुए रेनुका नेगी ने कहा कि बाकी लोगों की तरह मैं भी उन्हें हमेशा 'भैया' ही कहती थी। वह मेरे लिए एक महान चैंपियन, कोच और गुरु थे। उनके अंदर एक अनोखा गुण था कि वह बिना कुछ कहे ही सामने वाले को समझ लेते थे। क्या आप जानते हैं कि जब आप किसी मुश्किल दौर से गुजर रहे हों, और कोई इंसान आपके बिना कुछ बोले ही उसे महसूस कर ले? भैया बिल्कुल वैसे ही थे। उन्हें तुरंत पता चल जाता था कि क्या गड़बड़ है। वह हमेशा कुछ न कुछ ऐसा कहते थे जिससे हमें बहुत बड़ी हिम्मत और ताकत मिलती थी।
रेनुका ने जसपाल राणा के साथ जुड़ा एक बहुत हा प्यारा किस्सा शेयर करते हुए बताया कि मैं शूटिंग रेंज पर बहुत ज्यादा मेहनत करती थी। मेरी प्रैक्टिस लगातार 12-12 घंटे तक चलती थी। भैया दूर से मुझे लगातार देखते रहते थे। एक दिन उन्होंने मुझे अपने पास बुलाया और कहा- 'बैठ, साथ में कॉफी पीते हैं।' इसके बाद उन्होंने मुझसे जो बातें कहीं, उसने जिंदगी को देखने का मेरा नजरिया ही बदल दिया।
कॉफी पीते हुए हुई उस बातचीत को याद कर रेनुका ने बताया कि भैया ने मुझसे पूछा कि तू इन चीजों के पीछे इतना क्यों भागती है? तुझे किस चीज से खुशी मिलेगी? मैंने कहा कि भैया अगर मुझे ये मुकाम मिल जाता है या मैं इंडिया टीम में चुन ली जाती हूं, तो मुझे बहुत खुशी मिलेगी। इस पर उन्होंने कहा कि उसके आगे क्या? जब तू वहां पहुंच जाएगी, तब उसके बाद क्या करेगी?
रेनुका ने आगे कहा कि भैया ने मुझे समझाया कि इच्छाओं की कोई सीमा नहीं होती है। अगर तू अभी इस पल में खुश रहना सीख जाएगी, तो चीजें बहुत आसानी से हासिल कर लेगी। उन्होंने मुझे सिखाया कि कभी भी सिर्फ मंजिलों और चीजों के पीछे मत भागना, हमेशा अपनी जर्नी पर ध्यान देना। अगर आप खुशी-खुशी अपने सफर का आनंद लेते हैं, तो आप जिंदगी को और भी बेहतरीन तरीके से जी सकते हैं। भैया ने मुझे शूटिंग के साथ-साथ जिंदगी जीना सिखाया।
जसपाल राणा के योगदान को याद करते हुए रेनुका ने कहा कि आप उठाकर देख लीजिए, हमारे देश में जितने भी बड़े-बड़े मेडल्स आए हैं, चाहे वह मनु भाकर जी हों या दूसरे बड़े शूटर्स, भैया उन सभी के लिए एक कोच से बढ़कर बहुत बड़ी प्रेरणा थे। वह एक गुरु तो थे ही, लेकिन गुरु के साथ-साथ एक दोस्त और परिवार की तरह थे। उन्होंने पूरे शूटिंग टीम को एक परिवार की तरह संभाला और सबका ख्याल रखा।