उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक और तथ्यहीन खबरें फैलाने वालों के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना ली है।
केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को दर्शन से वंचित किए जाने संबंधी एक गलत वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए सोनप्रयाग थाने में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर (प्राथमिकी) दर्ज कर दी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि चारधाम यात्रा की गरिमा और राज्य की छवि के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।
जनपद रुद्रप्रयाग में सोशल मीडिया मॉनीटरिंग के दौरान एक ऐसा वीडियो संज्ञान में आया, जिसमें केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को दर्शन से वंचित किए जाने संबंधी गलत जानकारी प्रसारित की जा रही थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना सोनप्रयाग में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके अलावा 4–5 अन्य संदिग्ध वीडियो भी चिह्नित किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि चार धाम यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाएं पूर्णतः सुचारु है और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से दर्शन कराए जा रहे हैं। किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, अफवाह या दुष्प्रचार को शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) के तहत लिया जाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24×7 निगरानी की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रदेशवासियों, श्रद्धालुओं एवं सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की जाती है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें तथा किसी भी अपुष्ट, भ्रामक या संदिग्ध सामग्री को साझा करने से बचें।