
Two Sisters Death in Uttarakhand: उत्तराखंड के केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन के बाद लापता हुईं लखनऊ की दो सगी बहनों दीपिका और वर्तिका के शव बुधवार को मिल गए। दोनों बेटियों की मौत की खबर सुनकर पिता श्रीनारायण वर्मा टूट गए। उन्होंने कहा, 'मेरी आधी दुनिया खत्म हो गई।' पिता ने टूर कंपनी पर आरोप लगाया कि उनकी बेटियां एयरलिफ्ट के लिए गुहार लगाती रहीं, लेकिन कंपनी ने पहले अपने कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला। जिस बड़ी बेटी की शादी की तैयारी चल रही थी, उसे अब कंधा देने की हिम्मत नहीं बची है।
श्रीनारायण के मुताबिक, छोटी बेटी वर्तिका को कंपनी की तरफ से टूर पैकेज मिला था। वह अपनी बड़ी बहन दीपिका को भी साथ ले जाना चाहती थी। 26 अक्टूबर को वर्तिका ने फोन करके दीपिका को दिल्ली बुलाया। इसके बाद दोनों बहनें कंपनी के टूर पैकेज पर उत्तराखंड के लिए रवाना हो गईं। पिता ने त्योहार का हवाला देकर दोनों को जाने से मना भी किया था, लेकिन बेटियों ने तीन दिन में टूर पूरा करके घर लौटने की बात कही थी। परिवार को उम्मीद थी कि दोनों त्योहार पर वापस आ जाएंगी, लेकिन 27 अक्टूबर को उनके केदारताल में लापता होने की खबर मिली।
दोनों बेटियों के शव मिलने के बाद पिता ने टूर कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कंपनी ने पहले अपने कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि दोनों बहनें एयरलिफ्ट करने के लिए गुहार लगाती रहीं। पिता के मुताबिक, एयरलिफ्ट कर निकाले गए कंपनी के कर्मचारियों ने यह बात उनके बेटे अतुल को बताई थी। परिजनों का आरोप है कि अगर समय रहते दोनों बहनों को एयरलिफ्ट किया जाता तो शायद उन्हें बचाया जा सकता था। हालांकि, यह परिवार की ओर से लगाया गया आरोप है।
बाराबंकी के सराय पांडेय निवासी श्रीनारायण वर्मा लखनऊ के गुड़ंबा स्थित गायत्रीपुरम में पत्नी ऊषा, बेटियों दीपिका और वर्तिका तथा बेटे अतुल के साथ रहते हैं। वह एक साल पहले कृषि विभाग में कामदार के पद से रिटायर हुए थे। उनकी बड़ी बेटी दीपिका मुंबई की एक कंपनी में नौकरी करती थी। वर्क फ्रॉम होम के चलते वह इन दिनों लखनऊ में घर पर थी। छोटी बेटी वर्तिका नोएडा में नौकरी कर रही थी।
पिता ने बताया कि परिवार कई साल से दीपिका की शादी के लिए कह रहा था, लेकिन वह हर बार अपने करियर का हवाला देकर बात टाल देती थी। इस बार वह शादी के लिए तैयार हो गई थी। परिवार ने एक साल के अंदर उसकी शादी करने की तैयारी शुरू कर दी थी। पिता ने जिस बेटी को डोली में विदा करने का सपना देखा था, अब उसी को कंधा देने की नौबत आ गई।
दोनों बहनों के लापता होने की खबर मिलने के बाद लखनऊ, मुंबई और दिल्ली में रहने वाले उनके दोस्त लगातार परिवार से संपर्क कर रहे थे। मुंबई से एक दोस्त लखनऊ होते हुए उत्तराखंड तक पहुंच गया था। कॉलेज के समय की दोस्त और वर्तमान में मिस उत्तराखंड सुचेता भी लगातार वर्तिका की मां ऊषा से फोन पर बात कर रही थीं। परिजनों ने दोनों की तलाश के लिए रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह से भी मदद मांगी थी। परिवार का कहना है कि राजनाथ सिंह के हस्तक्षेप के बाद तलाश तेज हुई और बुधवार को दोनों बहनों के शव मिल सके।