Pauri gadhwal news: कोटद्वार शहर में कथित हिंदूवादी समूह द्वारा एक 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार को परेशान करने के दौरान बचाने आए 'मोहम्मद दीपक' इन दोनों आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इसके कारण उन्हें अपना जिम बंद करना पड़ सकता है
देहरादून: कोटद्वार शहर में कथित हिंदूवादी समूह द्वारा एक 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार को परेशान करने के दौरान बचाने आए 'मोहम्मद दीपक' इन दोनों आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इसके कारण उन्हें अपना जिम बंद करना पड़ सकता है। इसके साथ ही शहर भी छोड़ना पड़ सकता है। उन्होंने बताया है कि 26 जनवरी को हुई घटना के बाद धीरे-धीरे लोग उनसे दूरी बनाने लगे और उनके जिम को आर्थिक रूप से काफी नुकसान पहुंचा है।
दीपक ने बताया है कि 2 लाख से अधिक रुपए का उनका जिम का किराया बकाया है और अब शॉप के मालिक ने उन्हें जिम वाली जगह को खाली करने का अल्टीमेटम दे दिया है। दरअसल, दीपक 'हल्क जिम' चलते हैं। जनवरी महीने में दीपक ने एक मुस्लिम दुकानदार का समर्थन किया था और इस दौरान वह चर्चा में आए थे। बताया जा रहा है कि जब हिंदूवादी संगठन मुस्लिम दुकानदार को परेशान कर रहे थे तो उन्होंने अपना नाम 'मोहम्मद दीपक' बताया था। हालांकि उनका असली नाम दीपक कुमार है।
दीपक ने बताया कि इस घटना के पहले करीब 150 लोग उनके जिम में कसरत करने आते थे, लेकिन घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अब उनकी संख्या 20 के आसपास रह गई है। उन्होंने बताया कि वह किराए के रूप में मलिक को 40 हजार रुपए प्रति महीने दे रहे थे और पिछले 5 साल से जिम चला रहे थे। दीपक ने बताया कि उन्होंने बैंक से कर्जा लेकर अपना मकान बनवाया और करीब 17 हजार रुपए की मासिक किस्त देनी होती है, लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से प्रॉपर्टी का किराया और किस्त देने में वह असमर्थ हैं।
दरअसल, जनवरी महीने में हिंदूवादी संगठन के लोग 70 वर्षीय वकील अहमद की कपड़े की दुकान (बाबा क्लॉथ) पर पहुंचे थे और दुकान का नाम बदलने की मांग की थी। उसी दौरान दीपक ने विरोध जताया था और मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में खड़े हुए थे। इसके बाद 31 जनवरी को बड़ी संख्या में लोग दीपक के जिम के बाहर पहुंचे थे और जमकर नारेबाजी की थी। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया था। बताया जा रहा है कि इस दौरान कुछ लोगों ने जिम आने वाले लोगों को अंदर जाने से रोका था। इसके बाद दीपक के जीवन का घटनाक्रम पूरी तरह से बदल गया।
दीपक ने बताया है कि आर्थिक संकट की वजह से ना तो वह किराया दे पा रहे हैं और ना ही लोन लिए गए रकम की किस्त भर पर रहे हैं। उन्होंने बताया है कि अब वह जिम के सभी उपकरण बेचकर शहर को छोड़ देंगे। दीपक ने बताया है कि अब वह नौकरी करेंगे, क्योंकि जिस तरह से हालात हैं, उसके हिसाब से परिवार पालना भी मुश्किल हो रहा है। दीपक ने बताया है कि इस जिम को चलाने से पहले वह एक ट्रेनर के रूप में भी काम कर चुके हैं। उन्होंने कहा है कि अब वह नौकरी करके पैसे कमाएंगे और जब आर्थिक रूप से मजबूत हो जाएंगे तभी वह जिम खोलेंगे।