इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक परिवार बेवजह फंस गया। जब विरोध हो रहा था उसी बीच एक अन्य व्यक्ति का शव दाह संस्कार के लिए लाया गया और फिर (Protest On Coronavirus Infected Man's Funeral In Dehradun Uttarakhand) (Uttarakhand News) (Dehradun News)...
(देहरादून): देशभर के साथ ही पर्वतीय प्रदेश में भी Coronavirus संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। संक्रमण तो अपनी जगह एक समस्या है ही, लेकिन संक्रमित व्यक्ति के साथ समाज मरने के बाद भी दूरी बनाए रखता है। वजह वही संक्रमण का डर। ऐसा ही मामला देहरादून से सामने आया है। जहां कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने अंतिम संस्कार अपने इलाके में करने का पुरजोर विरोध किया।
जी हां, देहरादून के नालापानी शमशान घाट पर दो दिन में इस तरह की दूसरी घटना हुई है। आज जैसे ही लोगों को पता चला कि कोरोना संक्रमण से जान गांवाने वाले व्यक्ति के शव को अंतिम संस्कार के लिए नालापानी शमशान घाट लाया जा रहा है, लोग शमशान के बाहर ही इकट्ठे हो गए। उन्होंने गेट पर ताला लगा दिया। मामला बढ़ता देख पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाया। एसडीएम गोपाल राम बिनवाल ने भी समझाइश की। इसके बाद लोग राजी हुए और मृतक का अंतिम संस्कार हो सका। लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन दिया है आगे से यहां कोरोना संक्रमण के कारण जाने गंवाने वाले व्यक्ति का अंतिम संस्कार नहीं होगा।
प्रदर्शन में स्थानीय निवासी व पार्षद उपस्थित रहे। लोगों का कहना है कि नालापानी शमशान के चारों तरफ बसावट है। बड़ी संख्या में लोग यहां रहते हैं, संक्रमित व्यक्ति को यहां लाया जाता है इससे यहां सक्रमण फैलने का डर है, लोग खौफ में जी रहे हैं। लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप भी लगाया।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक परिवार बेवजह फंस गया। जब विरोध हो रहा था उसी बीच एक अन्य व्यक्ति का शव दाह संस्कार के लिए लाया गया। गेट पर ताला और विरोध होने की वजह से वह भी बहुत देर तक अंत्येष्टि नहीं कर पाए। गौरतलब है कि रविवार को भी यहां इसी तरह से कोरोना संक्रमित मरीज का दाह संस्कार होने को लेकर विरोध हुआ था। हालांकि बाद में पुलिस की दखल के चलते यह संभव हो पाया। बता दें कि राज्य में अब तक कुल 1488 लोग कोरोना वायरस संक्रमित पाए गए हैं। जबकि 13 लोगों की जान जा चुकी हैं। राहत की बात यह है कि 749 लोगों ने इस बीमारी पर विजय हासिल की है इस तरह प्रदेश में 719 एक्टिव केस हैं।