देहरादून

उत्तराखंड में मानसून की चुनौतियों से निपटने की तैयारी, देहरादून में आपदा प्रबंधन की बड़ी बैठक

Disaster Management Uttarakhand News: देहरादून के आईटी पार्क स्थित यूएसडीएमए भवन में मानसून की तैयारियों को लेकर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस अहम बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होकर आपदा प्रबंधन की मजबूत रणनीति बना रहे हैं।
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Updated: 11 Jun 2026, 12:56 PM IST
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देहरादून में मानसून की तैयारियों पर राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू (फोटो- ANI)

Uttarakhand News:देहरादून में मानसून की चुनौतियों से निपटने और पूर्व तैयारियों को लेकर एक बड़ी पहल की गई है। देहरादून के आईटी(IT) पार्क स्थित यूएसडीएमए(USDMA) भवन में मानसून की तैयारियों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। पहाड़ों पर बारिश के मौसम में आने वाली प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से इस कार्यशाला को बेहद अहम माना जा रहा है।

केंद्र और राज्य के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद

इस महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन आने वाले राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (NIDM) और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है। इस खास बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ और आला अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। सभी अधिकारी और विशेषज्ञ मानसून से पहले की तैयारियों और सुरक्षा उपायों पर मंथन कर रहे हैं।

आपदाओं से निपटने की बनेगी रणनीति

उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में मानसून के दौरान अक्सर भारी बारिश बादल फटने और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा मंडराता रहता है। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आगामी मानसून के दौरान आने वाली ऐसी ही आपदाओं से निपटने के लिए एक मजबूत और प्रभावी रणनीति तैयार करना है। बैठक में इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय कैसे स्थापित किया जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाई जा सके।

जानमाल के नुकसान को कम करने पर फोकस

राष्ट्रीय कार्यशाला में एक्सपर्ट्स अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। इसके साथ ही मानसून से पहले सभी जरूरी इंतजामों की बारीकी से समीक्षा की जा रही है। इस कार्यशाला के आयोजन का मुख्य लक्ष्य यही है कि सटीक अर्ली वार्निंग सिस्टम और बेहतर आपदा प्रबंधन के जरिए राज्य में जानमाल के नुकसान को कम से कम किया जा सके।

15 हजार ऑफिसर्स की फौज अलर्ट पर

हवाई सुरक्षा के साथ-साथ राज्य सरकार ने जमीनी स्तर पर भी अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। जमीनी स्तर पर आपदा प्रबंधन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरे राज्य में एक बड़ा और मजबूत नेटवर्क बनाया गया है। इस बड़ी पहल से जिला, तहसील और ब्लॉक लेवल के लगभग 15000 अधिकारियों को सीधा जोड़ा गया है। यह पूरी टीम मानसून के दौरान किसी भी चुनौती से निपटने के लिए 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहेगी।

Updated on:
11 Jun 2026, 12:56 PM IST
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