Increase in pay scale of workers: उत्तराखंड सरकार ने कुशल और अकुशल को वेतन में वृद्धि की है। श्रम सचिव का मानना है कि प्रदेश में हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार के श्रमिकों से अधिक वेतन मिल रहा है।
Increase in wages of workers: उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में कार्य करने वाले श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में वृद्धि की है। इसके साथ ही ओवरटाइम और बोनस को लेकर के भी आदेश दिया गया है। प्रदेश की धामी सरकार ने श्रमिकों के न्यूनतम वेतनमान, कुशल और अकुशल दोनों के वेतनमान में वृद्धि की है। नया वेतनमान 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। वेतनमान में वृद्धि होने से श्रमिकों को ओवर ओवरटाइम और बोनस का भी अधिक लाभ मिलेगा। इस संबंध में श्रम सचिव श्रीघर बाबू अडांकी ने कहा कि सरकार सभी श्रमिकों के हित के लिए कार्य कर रही है। किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान ना दें।
उत्तराखंड की धामी सरकार ने कुशल और अकुशल श्रमिकों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा की। श्रम विभाग के अनुसार अकुशल श्रमिकों को अब 13018 रुपए मिलेंगे, जबकि कुशल श्रमिकों को 16900 वेतनमान निर्धारित किया गया है। यह वेतनमान 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा; उसके साथ ओवर ओवरटाइम बोनस आदि में भी वृद्धि होगी।
इस संबंध में श्रम सचिव श्रीधर बाबू अडांकी ने बताया कि प्रदेश में अन्य राज्यों की तुलना में अधिक वेतन दिया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश में कुशल श्रमिकों को 13062 रुपए, उत्तर प्रदेश में 15224 रुपए और बिहार में 14326 रुपए कुशल श्रमिकों को मिल रहे हैं, जबकि उत्तराखंड में 16900 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। इस संबंध में प्रदेश के सभी उद्योगों के लिए निर्देश जारी किया गया है, जिसमें बताया गया है कि सभी उद्योगों में वेतनमान में वृद्धि की गई है। श्रमिकों को मिलने वाली न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम, बोनस आदि से जुड़े मामलों को गंभीरता से लें। श्रमिकों से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रदेश की धामी सरकार के इस कदम से कुशल और अकुशल श्रमिकों को काफी लाभ होगा। यह वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगी। इसी दर से ओवर ओवरटाइम बोनस का वितरण भी होगा। श्रम सचिव ने श्रमिकों से अपील की है कि किसी प्रकार के अफवाहों पर विश्वास ना करें और ना ही अफवाहों को एक दूसरे से साझा करें। उत्तराखंड के श्रमिकों के प्रति सरकार संवेदनशील है; उनकी हितों की रक्षा करने के लिए तैयार है।