
Uttarakhand Rain News: उत्तराखंड में मानसून लगातार परेशानी बढ़ा रहा है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक बारिश का दौर जारी है। कई जगह सड़कें मलबे से बंद हो रही हैं तो नदियों और बरसाती नालों का पानी तेजी से बढ़ रहा है। पिथौरागढ़ के धारचूला में भारी बारिश और मलबे के दबाव से बीआरओ का बैली ब्रिज टूटकर बह गया। इससे व्यास, दारमा और चौदास घाटियों के साथ बॉर्डर इलाके का संपर्क प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग ने देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और नैनीताल समेत कई जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। अगले पांच दिनों तक मानसून की गतिविधि सामान्य से तेज रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी। देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और नैनीताल समेत कुमाऊं के सीमांत जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। इन इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने और तेज गर्जना के साथ बौछारें पड़ने का भी अनुमान है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। कई जगह मलबा और पत्थर गिरने से छोटे-बड़े संपर्क मार्ग बाधित हुए हैं।
राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में घने बादल छाए रहने और कुछ हिस्सों में तेज गर्जना के साथ मूसलाधार बारिश की संभावना है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की परेशानी हो सकती है। सहस्रधारा और मालदेवता जैसे पहाड़ी इलाकों में बरसाती नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है।
बारिश के कारण गंगा, यमुना, अलकनंदा और मंदाकिनी समेत कई प्रमुख नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ गया है। चारधाम यात्रा को देखते हुए भी प्रशासन सतर्क है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिलाधिकारियों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जल पुलिस को 24 घंटे तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील इलाकों में बनाई गई बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की तैनाती भी बढ़ाई गई है।
ऋषिकेश और आसपास के इलाकों में तेज बारिश का दौर थमने से लोगों को कुछ राहत मिली है। हालांकि ऊपरी पहाड़ों में बारिश जारी रहने के कारण बरसाती नदियों और चंद्रभागा में तेज बहाव बना हुआ है। त्रिवेणी घाट समेत दूसरे घाटों पर गंगा के जलस्तर में कुछ कमी आई है, लेकिन पानी का बहाव अभी तेज है। प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। श्रद्धालुओं और कांवड़ियों से गहरे पानी में नहीं जाने की अपील की गई है।
चमोली में मंगलवार दोपहर बाद बारिश रुकने के बाद बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया। इससे तीर्थयात्रियों को राहत मिली है। हालांकि नंदप्रयाग से नंदा नगर (घाट) जाने वाले मुख्य मोटर मार्ग पर पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरक गया। सड़क पर मलबा और बोल्डर आने से रास्ता पूरी तरह बंद है। लोक निर्माण विभाग की जेसीबी और मशीनें मलबा हटाने में लगी हैं।
बागेश्वर और नैनीताल में भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी है। बागेश्वर में संवेदनशील पहाड़ियों को देखते हुए तहसील स्तर के अधिकारियों को सतर्क किया गया है। नैनीताल के भीमताल, भवाली और नैनीताल शहर के आसपास घने कोहरे और भारी बौछारों से विजिबिलिटी प्रभावित हो सकती है। वाहन चालकों को पहाड़ी रास्तों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 21 अगस्त को टिहरी, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और देहरादून में भारी बारिश की संभावना है। 22 अगस्त को चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चंपावत और टिहरी समेत लगभग सभी जिलों में मानसून तेज रह सकता है। कई जगह आकाशीय बिजली गिरने के दौर भी आ सकते हैं।
23 से 25 अगस्त तक पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और बौछारों का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य के आसपास रहेगा, जबकि लगातार बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा कम रह सकता है।