पूर्व IPS आईपीएस अमिताभ ठाकुर को जनपद न्यायाधीश धनेंद्र प्रताप सिंह की अदालत से सोमवार को जमानत मिल गई। अदालत ने अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी।
सोमवार को जिला कोर्ट देवरिया से जिला जेल में बंद पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर को जमानत मिल गई है। उन पर पत्नी के नाम जमीन से जुड़े एक मामले में धोखाधड़ी का आरोप है। अब कोर्ट के आदेश का कागज पहुंचने के बाद जेल से उनकी रिहाई हो जाएगी। लेकिन उनकी पत्नी के लिए तनाव बढ़ाने वाली खबर है, इसी मामले में नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत अर्जी को कोर्ट ने खारिज कर दिया। अब उन्हें हाइकोर्ट का सहारा लेना पड़ेगा।
सोमवार को देवरिया कोर्ट में पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की ओर से दाखिल जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। उनके एडवोकेट प्रवीण द्विवेदी ने पक्ष रखते हुए कहा कि यह मामला काफी पुराना है। इसमें कोई भी आपराधिक मंशा सिद्ध नहीं होती। यह प्रकरण दस्तावेज में गलतियों से जुड़ा है, न कि किसी सुनियोजित धोखाधड़ी से। वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए मामले की गंभीरता पर जोर दिया। जिला जज ने अमिताभ ठाकुर को जमानत देने का आदेश पारित किया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी लंबे समय से न्यायिक हिरासत में है। जांच के लिए उनका लगातार हिरासत में रहना जरूरी नहीं है।
हालांकि, इसी मामले में अमिताभ की पत्नी नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत अर्जी को कोर्ट ने खारिज कर दिया। यानी अब ये साफ हो गया है कि नूतन ठाकुर को अब राहत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा। क्योंकि, ऐसा न करने पर कभी भी उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। बीते 9 दिसंबर की देर रात पुलिस ने अमिताभ ठाकुर को शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। पुलिस के रवैये से नाराज अमिताभ ने जेल में अनशन शुरू कर दिया, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें इलाज के लिए पहले गोरखपुर, फिर लखनऊ पीजीआई में भर्ती कराया गया था।