यूपी पुलिस में निकली हजारों पदों पर नियुक्ति के लिए रास्ता साफ हो गया है उसके लिए बकायदा भर्ती निकल चुकी है। देवरिया सदर विधायक ने देरी से भर्ती निकलने के कारण सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा में छूट की मांग की है।
उत्तर प्रदेश पुलिस में होने वाली भर्तियों में देवरिया सदर के विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु-सीमा में छूट देने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मानवीय आधार पर विचार करने का आग्रह किया है। शनिवार को विधायक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर यह पत्र साझा किया।
डॉक्टर शलभ ने बताया कि प्रदेश के हजारों युवा लंबे समय से इन भर्तियों की तैयारी कर रहे थे। भर्ती प्रक्रिया में देरी के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी निर्धारित आयु-सीमा पार कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि आयु-सीमा की बाध्यता के चलते कई योग्य और मेहनती युवा चयन प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं।
यह स्थिति न केवल युवाओं के लिए, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी चुनौतीपूर्ण है, खासकर उन अभ्यर्थियों के लिए जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आते हैं।विधायक ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को कम से कम 3 वर्ष की आयु-सीमा में छूट प्रदान की जाए। उनका मानना है कि यह ओवर एज हो चुके अभ्यर्थियों के लिए गेम चेंजर के रूप में साबित होगा।
जैसा कि मालूम हो प्रदेश की योगी सरकार ने हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस में 32,679 सिपाही एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया बुधवार से शुरू होकर 30 जनवरी तक चलेगी। इन भर्तियों में नागरिक पुलिस, पीएसी, सशस्त्र पुलिस, विशेष सुरक्षा बल, पीएसी की महिला वाहिनी, घुड़सवार पुलिस के सिपाही तथा जेल वार्डर के पद शामिल हैं। इसके लिए लाखों अभ्यर्थियों के शामिल होने की आशंका है।