देवरिया

चार दिनों तक हिरासत में रखने के बाद कंचनलता को जेल भेजा

  देवरिया आश्रय गृह कांडः कोर्ट की सख्ती के बाद कार्रवाई

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allahabad High court on deoria shelter home case
इलाहाबाद हाईकोर्ट और देवरिया शेल्टर होम

चार दिनों के बाद देवरिया में बालिका गृह संचालित करने वाली गिरजा त्रिपाठी की अधीक्षिका बेटी कंचनलता को जेल भेज दिया गया। पुलिस चार दिनों से गिर्फतार कर पूछताछ कर रही थी। कंचनलता की मां गिरजा त्रिपाठी व पिता मोहन त्रिपाठी पहले ही दिन जेल भेज दिए गए थे। हालांकि, अभी दो दिन पहले ही डीएम अमित किशोर ने किसी भी गिरफ्तारी से इनकार करते हुए कहा था कि सिर्फ दो लोग गिरफ्तार हैं और बाकियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, इनको छोड़ दिया जाएगा। लेकिन माना जा रहा कि कोर्ट के सख्त तेवर के बाद कार्रवाईयों का दौर शुरू हो चुका है।
बीते पांच अगस्त की रात में पुलिस ने देवरिया के मां विन्ध्यवासिनी महिला एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा संचालित बाल आश्रय पर छापा मारा था। छापेमारी के दौरान मौके से 23 महिलाओं व बच्चियों को वहां से मुक्त कराया गया था। यहां रहने वाली बिहार की एक बच्ची ने पुलिस से शिकायत की थी कि शेल्टर होम में बच्चियों के साथ जुर्म होता है। झाड़ू-पोछा कराया जाता है। बच्चियों के अनुसार बड़ी बच्चियों को को बाहर भेजकर देहव्यापार कराया जाता है।
पुलिस कप्तान देवरिया ने रविवार की रात में प्रेस कांफ्रेंस कर इस सफलता की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि 23 मौके पर मिले हैं जबकि 18 गायब थे। पुलिस ने संचालिका गिरजा त्रिपाठी, पति मोहन त्रिपाठी को गिरफ्तार भी कर लिया था। जबकि इस शेल्टर होम की अधीक्षिका कंचनलता नाटकीय ढंग से फरार हो गई थी।
मामला सबके सामने आने के बाद सरकार को भी हस्तक्षेप करना पड़ा। आनन फानन में कार्रवाई करते हुए कई अफसरों पर गाज गिराया गया।
इसके बाद सात अगस्त को पुलिस ने बड़े की नाटकीय ढंग से उसे देवरिया के ही भटवलिया चैराहा के पास से हिरासत में ले लिया गया। चार दिनों तक पूछताछ के नाम पर कंचनलता को पुलिस ने अपनी कस्टडी में रखा। शुक्रवार को कंचनलता का मेडिकल कराते हुए जेल भेज दिया। आरोपी कंचनलता के खिलाफ धारा 188, 189, 370, 343, 354 ए, 504, 506 आईपीसी, 7/8 पाक्सो एक्ट व 80 जेजे एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।

Published on:
11 Aug 2018 02:54 am