
होर्मूज से 8 दिन बाद गांव लौटा शिवानंद का पार्थिव शरीर
Shivanand Chaurasia News: अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले देवरिया के युवक शिवानंद चौरसिया का पार्थिव शरीर बुधवार शाम करीब छह बजे उनके पैतृक गांव सुरौली पहुंचा। शव के गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। एम्बुलेंस के गांव में प्रवेश करते ही परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। परिवार के सदस्यों की आंखों से आंसुओं का सैलाब बह निकला और माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।
पति का पार्थिव शरीर देखते ही शिवानंद की पत्नी सुशीला बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं। बहन सोनी की हालत भी बिगड़ गई और वह भी बेसुध हो गईं। मां कलावती देवी और पिता रामजी चौरसिया अपने बेटे को आखिरी बार देखकर फूट-फूटकर रो पड़े। छोटे भाई राम प्रवेश का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे गांव में हर किसी की आंखें नम थीं और लोग परिवार को सांत्वना देने में जुटे रहे।
शव गांव पहुंचने के बाद परिजनों ने उसे एम्बुलेंस से उतारने से इनकार कर दिया। परिवार का कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया जाएगा, तब तक वे अंतिम प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाएंगे। परिजनों ने एक करोड़ रुपये के मुआवजे और मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी। परिवार मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत कराने की मांग पर भी अड़ा रहा।
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन तत्काल सक्रिय हुआ। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर स्वयं गांव पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों ने परिवार को ढांढस बंधाया तथा उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनने का भरोसा दिया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि शासन स्तर पर उनकी जायज मांगों को भेजा जाएगा और हर संभव सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
मुलाकात के दौरान शिवानंद की पत्नी सुशीला ने प्रशासन को एक लिखित मांग-पत्र सौंपा। इसमें परिवार की आर्थिक सुरक्षा और बच्चों के भविष्य को देखते हुए विशेष सहायता की मांग की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि परिवार की जो भी वैध और उचित मांगें हैं, उन्हें शासन तक पहुंचाया जाएगा और नियमों के तहत हरसंभव मदद दिलाई जाएगी।
इस बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी शिवानंद के परिवार से फोन पर बातचीत की। उन्होंने मृतक की पत्नी सुशीला और भाई राम प्रवेश से बात करते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की। राहुल गांधी ने परिवार को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को सरकार के सामने मजबूती से रखा जाएगा और आर्थिक सहायता के लिए भी वह अपनी ओर से प्रयास करेंगे।
घटना के बाद शिवानंद के घर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का पहुंचना जारी रहा। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी। वहीं भाजपा की ओर से रामपुर करथाना क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र चौरसिया भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
शिवानंद चौरसिया की मौत 10 जून को होर्मूज स्ट्रेट के निकट हुए अमेरिकी हमले में हुई थी। वह सिंगापुर के जहाज 'एमटी सेत्तेबेल्लो' पर इंजन फिटर के पद पर कार्यरत थे। घटना के दो दिन बाद 12 जून को परिवार को उनकी मौत की सूचना मिली थी। इस खबर के बाद से ही पूरा परिवार गहरे सदमे में था और पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहा था।
शिवानंद बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से करीब नौ महीने पहले विदेश गए थे। जहाज पर नौकरी मिलने के बाद परिवार को उम्मीद थी कि उनकी जिंदगी में आर्थिक स्थिरता आएगी, लेकिन एक अप्रत्याशित घटना ने सारी उम्मीदों को झकझोर कर रख दिया।
शिवानंद अपने परिवार के प्रमुख कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में वृद्ध माता-पिता, पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। पांच वर्षीय पुत्र राजवीर और दो वर्षीय पुत्री वानिका अभी बेहद छोटी उम्र में ही पिता का साया खो चुके हैं। पिता रामजी चौरसिया खेती और पशुपालन से जुड़े हैं, जबकि मां कलावती देवी गृहिणी हैं। ऐसे में शिवानंद की मौत ने पूरे परिवार को आर्थिक और मानसिक दोनों स्तरों पर गहरा झटका दिया है।
करीब चार घंटे की बातचीत और प्रशासनिक आश्वासन के बाद रात लगभग दस बजे शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। गुरुवार को पूरे राजकीय सम्मान और परिवार की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया जाएगा। गांव के लोग बड़ी संख्या में अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं। शिवानंद की असमय मौत ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरे दुख में डुबो दिया है।
Published on:
17 Jun 2026 11:29 pm
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