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‘मेरे बच्चे किसे ‘पापा’ कहेंगे? 8 साल में ही बिखर गई जिंदगी’, होर्मुज में पति की मौत पर सुशीला का रो-रोकर बुरा हाल

US Attack On Indian Ship: उत्तर प्रदेश के देवरिया के शिवानंद ऑयल टैंकर MT Settebello पर इंजन फिटर के रूप में कार्यरत थे। 10 जून को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास टैंकर पर हुए हमले के बाद वह लापता हो गए थे। बाद में 11 जून को उन्हें आधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया गया।

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देवरिया के रहने वाले शिवानंद चौरसिया की होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी हमले में मौत हो गई।

Deoria Seaman Death: "वे 5 ‌दिसंबर को घर से निकले थे। मुझे मेरे पति वापस चाहिए। मेरे दो बच्चे हैं, ससुराल वाले हैं, देवर और ननद हैं। अब मैं किसके साथ रहूंगी? किस पर भरोसा करूंगी? मेरे बच्चे किसे पापा कहेंगे? मेरी शादीशुदा जिंदगी सिर्फ 8 साल में ही बिखर गई। चाहे कुछ भी करना पड़े, मुझे मेरे पति वापस चाहिए।"

10 जून को अमेरिकी हमले के बाद हो गए थे लापता

ये चीखें उत्तर प्रदेश के देवरिया के सुरौली गांव की सुशीला देवी की है। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के पास अमेरिकी हमले में इनके पति शिवानंद चौरसिया की मौत हो गई है। 10 जून को ऑयल टैंकर MT सेटेबेलो पर हुए हमले में लापता हुए उनके पति और इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया को 11 जून को आधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया गया। इस खबर के बाद से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

शिवानंद की मौत की खबर ने उनकी पत्नी सुशीला देवी को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। सुशीला ने भावुक होकर सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब इतनी बड़ी तबाही हो रही थी, तो सरकार ने सभी को वापस क्यों नहीं बुलाया? सरकार को मेरे पति को वापस लाना ही होगा।

आखिरी बातचीत और वो एक मिनट का फोन कॉल

शिवानंद की बहन सोनी चौरसिया ने बताया कि हादसे से ठीक एक दिन पहले मंगलवार को शिवानंद ने अपने पिता को फोन किया था। वह सिर्फ एक मिनट का फोन कॉल था, जिसमें उन्होंने सबको ढांढस बंधाया था कि सब ठीक है।

सोनी ने रोते हुए कहा कि उनसे हमारी आखिरी बातचीत वही थी। वे बार-बार कह रहे थे कि सब ठीक है और वे ठीक-ठाक हैं। अगली सुबह हमें पता चला कि उनके जहाज पर बम गिरा है। मेरी मांग है कि मेरे भाई को घर लाया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, प्लीज वहां फंसे सभी भारतीयों को घर वापस ले आइए।

क्या था पूरा मामला?

10 जून को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास तेल ले जा रहे कमर्शियल वेसल MT सेटेबेलो पर हमला हुआ था। इस हमले के बाद जहाज पर भारी तबाही मची, जिसमें उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के सुरौली गांव निवासी शिवानंद चौरसिया सहित तीन भारतीय नाविक लापता हो गए थे। लगातार चले सर्च ऑपरेशन के बाद 11 जून को उनकी मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि कर दी गई।

शिवानंद अपने पीछे बूढ़े माता-पिता, पत्नी, दो छोटे बच्चों और भाई-बहनों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर है। पीड़ित परिवार और ग्रामीण अब केंद्र सरकार से मांग कर रहे हैं कि शिवानंद के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाया जाए और परिवार को उचित आर्थिक सहायता व सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए।