
देवरिया आश्रय गृह कांड: बुजुर्गों को मेडिकल कॉलेज ने टरकाया, दवा दे वापस कर दिया, नहीं किया गया भर्ती
देवरिया आश्रय गृह में अनैतिक काम कराने की आरोपी संस्था मां विंध्यवासिनी महिला व प्रशिक्षण संस्था द्वारा संचालित रजली देवरिया वृद्धाश्रम की महिलाओं को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया गया लेकिन घंटों टरकाने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कुछ दवाईयां देकर इन बुजुर्गों को वापस कर दिया. पहले तो कागजी कोरम क आभाव में इनको भर्ती करने से इनकार किया गया लेकिन प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद भर्ती कर कुछ दवाईयां देकर वापस भेज दिया गया.जबकि कुशीनगर में मेडिकल टीम ने इन बुजुर्गों कि हालत बेहद ख़राब बताई थी.
इन महिलाओं को बुधवार को कुशीनगर जिले में राजकीय वृद्धाश्रम में लाया गया था।
संस्था द्वारा रजली में आश्रम का संचालन होता है। यहाँ 24 महिला पुरुष अपने जीवन के सांध्य बेला में गुजर बसर कर रहे थे। देवरिया के बाल आश्रय गृह पर कार्रवाई के बाद रजली स्थित वृद्धाश्रम की भी जांच की गई थी। स्थिति बेहद खराब पाई जाने के बाद इस आश्रम को भी सील कर दिया गया। इसके बाद यहां के बुजुर्गों को कुशीनगर फौरी तौर पर भेज दिया गया था।
वृद्धाश्रम में लाये गए इन बुजुर्गों के स्वास्थ्य जांच के लिए कुशीनगर के पांच डॉक्टर्स की टीम लगाई गई थी। जांच में 3 पुरुष बुजुर्गों में एक कि हालत बेहद खराब मिली। जबकि 21 महिलाओं में 20 महिलाओं की स्थिति नाजुक थी। इन सब की मानसिक हाल भी खराब पाए गए।
गुरुवार को उच्चधिकारियों के निर्देश पर इन बुजुर्गों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया।
करीब तीन बजे ये महिलाएं व पुरुष मेडिकल कॉलेज लाये गए। लेकिन कुछ डाक्यूमेंट्स के अभाव में काफी देर तक इनका इलाज बाधित रहा। साथ आये अधिकारीयों कर्मचारियों ने उच्चाधिकारियों को बताया. प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई। लेकिन इसके बाद कुछ दवाईयां देकर इन बुजुर्गों को वापस भेज दिया गया. जबकि इनकी हालत नाजुक बताई जा रही.
Updated on:
10 Aug 2018 10:58 am
Published on:
10 Aug 2018 10:57 am
