देवरिया जिला कारागार में बंद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की तबीयत मंगलवार देर रात अचानक बिगड़ गई। देवरिया में प्राथमिक परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने रात करीब 2 बजे उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
अमिताभ ठाकुर 10 दिसंबर से देवरिया जिला कारागार में न्यायिक हिरासत में हैं। मंगलवार को ही मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। बताया जा रहा है कि इसके बाद से वह परेशान थे। मंगलवार देर रात अमिताभ ठाकुर की तबीयत अचानक खराब हो गई।
घबराहट की शिकायत के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उन्हें देवरिया के Maharshi Devaraha Baba Medical College में भर्ती कराया गया। मेडिकल कॉलेज में प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताई और रात करीब 2 बजे उन्हें गोरखपुर के BRD Medical College के लिए रेफर कर दिया।फिलहाल, उनका इलाज गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि चिकित्सकीय सलाह के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर पर आरोप एक पुराने भूमि सौदे से जुड़े हैं। इसकी जांच फिलहाल पुलिस और एसआईटी कर रही है। मामला वर्ष 1999 का बताया जा रहा है, जब वह देवरिया में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के पद पर तैनात थे।
आरोप के अनुसार, उस समय देवरिया के औद्योगिक क्षेत्र में उनकी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम से एक प्लॉट खरीदा गया था। दस्तावेजों में पत्नी का नाम नूतन ठाकुर की जगह नूतन देवी और पति का नाम अमिताभ ठाकुर की जगह अभिजात दर्ज होने का उल्लेख है। इस मामले में सितंबर 2025 में लखनऊ के तालकटोरा थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। इसके बाद इसी प्रकरण में देवरिया सदर कोतवाली में भी अलग से मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के मुताबिक, 10 दिसंबर को अमिताभ ठाकुर को एक चलती ट्रेन से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में हैं। मामले में अभी जांच जारी है।