शनिवार को पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर को CJM कोर्ट में पेशी पर लाया गया। इस दौरान कोई ठोस सबूत न देने पर कोर्ट ने विवेचनाधिकारी को भी काफी लताड़ लगाया।
देवरिया जेल में धोखाधड़ी मामले में बंद पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की शनिवार को पेशी हुई। CJM कोर्ट में उनकी जमानत पर करीब आधे घंटे तक बहस हुई। इस दौरान लखनऊ से आए जांच अधिकारी इनके विरुद्ध कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सके।
इस पर जज ने विवेचक को भी फटकारा, और कहा कि अब तक की जांच में ऐसा कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है, जिससे साबित हो कि अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी आवश्यक थी अब कोर्ट मामले की जांच की मॉनिटरिंग करेगा, अगली सुनवाई 6 जनवरी को होगी। फिलहाल कोर्ट के कहने पर पूर्व IPS ने अपना अनशन 15 जनवरी तक स्थगित कर दिया है।
शनिवार को जेल में अनशन के बीच पेशी पर लाए गए अमिताभ ठाकुर ने कहा कि कोडीन सिरप कांड में जैसे ही मैंने पूर्व सांसद धनंजय सिंह से जुड़े तथ्यों और आरोपों को सार्वजनिक किया, वाराणसी के कुछ बड़े भाजपा नेताओं के नाम भी सामने रखे थे, जिसके तुरंत बाद वाराणसी में मेरे ऊपर मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
अमिताभ ने कहा कि मुकदमा दर्ज होने के अगले ही दिन उन्हें अपराधियों की तरह रात करीब 2 बजे अचानक ट्रेन से गिरफ्तार कर लिया गया, स्थितियां काफी गंभीर थी और उन्हें लगा कि कहीं उनका एनकाउंटर न कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि उनके पास कोडीन सिरप कांड में काफी सबूत है और वह उसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने जा रहे थे। लेकिन रास्ते में मेरे महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और दस्तावेज छीन लिए गए, ताकि याचिका दाखिल न कर सकूं। अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया कि पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, लेकिन अब तक न तो उनसे पूछताछ की गई और न ही जांच एजेंसियों ने उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की है।