यूपी में जबरिया रिटायर्ड किए गए पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को 9 दिसंबर की देर रात शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। ये गिरफ्तारी 26 साल पुराने देवरिया में एक प्लॉट आवंटन से जुड़ी है।
देवरिया से बड़ी खबर आ रही है शुक्रवार को यहां जेल में बंद जबरिया रिटायर्ड IPS अफसर अमिताभ ठाकुर को जान से मारने की धमकी मिली है। अमिताभ को बैरक के बाहर एक पत्थर के नीचे दबा कंप्यूटर से टाइप किया गया पत्र मिला। पत्र को पढ़ते ही भयभीत पूर्व IPS ने इसकी जानकारी जेल प्रशासन को दी। जेल अधीक्षक ने डीएम-एसपी को जानकारी देते हुए जांच शुरू कराई है। बता दें कि अमिताभ ठाकुर धोखाधड़ी के मामले में 10 दिसंबर से जेल में बंद हैं।
एडवोकेट प्रवीण द्विवेदी के मुताबिक, अमिताभ ठाकुर इंडस्ट्रियल एरिया में भूमि आवंटन से जुड़े एक मामले में 10 दिसंबर से जेल में बंद हैं। पिछले दो दिनों से वह भूख हड़ताल पर हैं। वे अपनी गिरफ्तारी के वक्त के CCTV और CDR की मांग कर रहे हैं। लेकिन उन्हें उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
एडवोकेट ने बताया कि जब उन्होंने मुलाकात की, तो अमिताभ ठाकुर काफी सहमे हुए थे। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने बैरक के बाहर एक पत्थर के नीचे दबा हुआ कंप्यूटर से टाइप किया हुआ धमकी भरा पत्र मिला था। पत्र में उन्हें जान से मारने की स्पष्ट धमकी दी गई थी।
उन्होंने तत्काल इसकी सूचना जेल प्रशासन को दी और धमकी भरा पत्र व पत्थर अधिकारियों को सौंप दिया। एडवोकेट ने इस घटना को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि उनके मुवक्किल की जान को वास्तविक खतरा हो सकता है।
अमिताभ ठाकुर की जमानत याचिका पर फैसला होना बाकी है। वकील प्रवीण द्विवेदी ने जिला जज की अदालत में 17 जनवरी को जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान अमिताभ ठाकुर की पेशी की मांग की थी। जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए आरोपी को पेश करने का आदेश दिया है।