देवरिया DM दिव्या मित्तल ने एक बार फिर अधिकारियों पर कड़ी कारवाई की हैं। इस बार IGRS में गिरी रैंकिंग के कारण भड़की हुई हैं DM
IGRS प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही बरतने के चलते पोर्टल की रैंकिंग में जनपद को 39वां स्थान प्राप्त हुआ। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 37 अधिकारियों के नवंबर माह के वेतन आहरण पर रोक लगा दी है।
जिन अधिकारियों के वेतन निकासी पर रोक लगाई गई है, उनमें 10 बीडीओ, पांच एडीओ पंचायत, विद्युत विभाग के दो अधिशासी अभियंता समेत डीपीआरओ, बीएसए, ईओ एवं एआरटीओ सहित विभिन्न अधिकारी शामिल हैं।
डीएम ने कहा कि जन शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण शासन की प्राथमिकता है। शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापरक एवं तथ्यपूर्ण होना चाहिए। सतही निस्तारण किसी भी दशा में स्वीकार्य नहीं है। असंतुष्ट फीडबैक की वजह से जनपद की रैंकिंग प्रभावित हो रही है।
जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त सीएम हेल्पलाइन, ऑनलाइन सन्दर्भ, मंडलायुक्त संदर्भ, पीजी पोर्टल भारत सरकार एवं संपूर्ण समाधान दिवस तथा जिलाधिकारी जन सुनवाई में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि उक्त अधिकारियों द्वारा बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद जन समस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बरती जा रही है, जो अक्षम्य है।डीएम ने कहा कि अक्टूबर माह में आईजीआरएस पोर्टल की रैंकिंग में जनपद को 39 वां स्थान प्राप्त हुआ था। रैंकिंग में सुधार होने पर ही वेतन आहरण पर विचार किया जाएगा।