देवरिया में नगर पालिका कार्यालय के बगल में निर्माणाधीन कॉप्लेक्स की दीवार शुक्रवार की दोपहर ढह गई। मलबे में दबकर करीब आधा दर्जन मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जबकि दो मजदूरों की मृत्यु की सूचना सामने आ रही है।
देवरिया जिले में नगर पालिका परिसर के समीप शुक्रवार को एक निर्माणाधीन भवन में पुरानी दीवार गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में दो मजदूरों की मौत हो गई जबकि तीन अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के मुताबिक, सदर कोतवाली क्षेत्र के अंसारी रोड निवासी आशीष कनोडिया अपने जमीन पर भवन निर्माण करा रहे थे। निर्माण कार्य एक ठेकेदार के जिम्मे था, जिसने राघव नगर से मजदूर बुलाकर बेसमेंट की खुदाई शुरू कराई थी। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे साइट पर करीब दो दर्जन मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान एक पुरानी और जर्जर दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई, जिससे कई मजदूर मलबे में दब गए।
हादसे में रामदयाल मनी, हरेंद्र, शारदा, योगेंद्र और गोविंद गंभीर रूप से घायल हो गए। मुहल्ले के लोगों की मदद से सभी को मलबे से बाहर निकालकर महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने योगेंद्र और गोविंद को मृत घोषित कर दिया, जबकि बाकी तीन घायलों का इलाज जारी है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद ठीकेदार मौके से फरार हो गया। वहीं घटना के काफी देर बाद तक पुलिस और प्रशासन के मौके पर न पहुंचने से लोगों में नाराजगी देखी गई।
कुछ देर बाद सदर कोतवाली पुलिस और नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंच गई, राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया। जेसीबी मशीन बुलाकर मलबा हटाया गया, पुलिस भी इस दौरान रेस्क्यू और भीड़ नियंत्रण में लगी रही। पुलिस ने दोनों मृत मजदूरों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे को लापरवाही का परिणाम माना जा रहा है, क्योंकि पुरानी जर्जर दीवार के पास बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के खुदाई कराई जा रही थी।