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देवरिया की समीक्षा ने सिविल सेवा में 56वां रैंक हासिल किया…अनिल,तान्या और रवि ने भी चयनित होकर बढ़ाया जिले का मान

सिविल सर्विसेज की परीक्षा में जिले के तीन युवाओं ने चयनित होकर जिले का मान बढ़ाया है, तीनों सफल अभ्यर्थियों ने सिविल सेवा में जुट अभ्यर्थियों को प्रेरणा देने का कार्य किया है।

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Mar 07, 2026
फोटो सोर्स: सोशल मीडिया, देवरिया की समीक्षा,रवि,अनिल हुए सफल

यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में देवरिया जिले के तरकुलवा नगर पंचायत के वार्ड नंबर-14 मीराबाई नगर निवासी सुरेंद्र मिश्रा के बेटे अनिल मिश्रा ने 445वीं रैंक हासिल की, अनिल को यह सफलता दूसरे प्रयास में मिली है। उन्होंने बिना सेल्फ स्टडी कर यह उपलब्धि हासिल की है।

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सेल्फ स्टडी कर अनिल ने हासिल किया 445वीं रैंक

अनिल मूल रूप से कुशीनगर जिले के फाजिलनगर विकास खंड के रहसू जनोबीपट्टी गांव के हैं, उनके पिता सुरेंद्र मिश्रा पिछले करीब 30 वर्षों से तरकुलवा कस्बा में रहते हैं। अनिल घर के सबसे छोटे बेटे हैं। उन्होंने विद्या मंदिर देवरिया से साल 2017 में हाईस्कूल व साल 2019 में इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। बीए की पढ़ाई साल 2022 में उन्होंने रमेश चंद्र राव नवतप्पी महाविद्यालय रामपुरगढ़ से उत्तीर्ण की।

आर्थिक स्थिति मजबूत न होने से घर पर रहकर ही अनिल यूपीएससी की तैयारी में जुट गए। वर्ष 2024 में वे यूपीएससी की परीक्षा में साक्षात्कार तक पहुंचे थे, और साल 2025 की यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने 445वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का गौरव हासिल किया।

दो भाई पहले ही सरकारी नौकरी में चयनित हैं

अनिल के बड़े भाई श्रवण मिश्रा बीएसएफ में तैनात है। दूसरा बेटा अभय मिश्रा इनकम टैक्स विभाग में है। अनिल मिश्रा के आईएएस बनने की खबर मिलते ही तरकुलवा कस्बा स्थित उनके आवास पर शुक्रवार को बधाई देने वालों का तांता लग गया।

समीक्षा ने हासिल किया 56वां रैंक, IIT कानपुर से हुई है शिक्षा

यूपीएससी के घोषित परिणाम में जिले के खजुरी भट्ट निवासी कृष्णचंद्र मिश्र की बहू समीक्षा ने दूसरी बार में यूपीएससी परीक्षा में 56वां रैंक हासिल किया है। परिजनों के अनुसार इससे पूर्व वह बैंक ऑफ इंडिया में पीओ के पद पर कार्य कर चुकी हैं। वह एक दिन के लिए केनरा बैंक में भी पीओ पद पर काम किया था।

नौ मार्च को उन्हें मिनिस्ट्री ऑफ कामर्स में डिप्टी मैनेजर पद पर ज्वाइन करना था। इनके पति सुमित मिश्रा बैंक अधिकारी हैं। समीक्षा की शिक्षा-दीक्षा कानपुर आईआईटी और बेंगलुरू से हुई है।

रवि ने हासिल किया 371वां रैंक

जिले के भेड़ापाकड़ निवासी सुरेंद्र लाल श्रीवास्तव व आशा देवी के बेटे डॉ. रवि श्रीवास्तव ने 371वां रैंक हासिल की है। उन्होंने देवरिया से शुरुआती पढ़ाई करने के बाद जर्मनी से रसायन विज्ञान में पीएचडी की उपाधि हासिल की है। रवि की ससुराल गोरखपुर में है।

रवि के रिश्तेदार 2012 बैच के पीसीएस टॉपर अभिनव रंजन श्रीवास्तव गोरखपुर के सिटी मजिस्ट्रेट रह चुके हैं। जबकि गौरव रंजन श्रीवास्तव वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी हैं। कीर्तिमान श्रीवास्तव जिला पर्यटन अधिकारी प्रयागराज के पद पर हैं। तीनों चयनित युवाओं ने जिले का मान बढ़ाया और युवाओं को नई ऊर्जा दी।

विपरीत परिस्थितियों में तान्या ने रचा इतिहास, मिली 200वीं रैंक

देवरिया के लार थाना क्षेत्र के इसराइली गांव की रहने वाली हैं तान्या सिंह, उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 200वीं रैंक हासिल की। तान्या के पिता अजय सिंह दिल्ली में एलजी कंपनी में टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत थे। साल 2012 में ड्यूटी के दौरान उनके पिता का निधन हो गया।

इसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनकी मां पुष्पा देवी पर आ गई थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई और परवरिश में कोई कमी नहीं आने दी। तान्या ने भी विपरीत परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। कड़ी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया।

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Updated on:
08 Mar 2026 02:27 pm
Published on:
07 Mar 2026 11:36 pm
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