देवरिया जनपद के रुद्रपुर क्षेत्र से बड़ा खुलासा हुआ है। जोगिया खुर्द गांव में प्रशासन ने छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध रूप से भंडारित डीजल बरामद किया है। रुद्रपुर एसडीएम हरिशंकर लाल के नेतृत्व में पूर्ति विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए दो घरों से करीब 3600 लीटर डीजल जब्त किया।
ईरान, इजराइल और अमेरिका के युद्ध में लगातार पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस पर जनता पैनिक में आ रही है। गैस की एजेंसियों पर जब सख्ती हुई तब गैस वितरण ढर्रे पर आया लेकिन इसी बीच पेट्रोल और डीजल के खत्म होने की अफवाह फैलने लगी। फिर क्या था जिसको जी मिला वह लेकर पेट्रोल पंप की ओर भागा, थोड़ी ही देर में स्थिति विकट होने लगी।
सोशल मीडिया पर अफवाहों के फैलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी फील्ड में उतर गए, और किसी तरह जनता को समझाने में कामयाब हो गए कि जिले में भंडारण पर्याप्त है, चिंता की कोई बात नहीं है। इस मौके पर कालाबाजारी करने वाले और बेवजह का स्टॉक रखने वाले भी सक्रिय हो गए।
जिले में भारी मात्रा में चोरी छुपे पेट्रोल और डीजल का भंडारण करने की खबर मिलते ही अधिकारी भी एक्टिव हो गए। अफवाहों के बीच, प्रशासन ने शुक्रवार को रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के जोगिया खुर्द गांव में छापेमारी की। इस कार्रवाई में घरों से भारी मात्रा में डीजल बरामद किया गया।
SDM हरिशंकर लाल को सूचना मिली थी कि गांव के वीर बहादुर यादव और रामानंद, जो कंबाइन मशीन के मालिक हैं, अपने घरों में बड़ी मात्रा में डीजल का भंडारण कर रहे हैं। इस सूचना पर SDM ने आपूर्ति विभाग और पुलिस टीम के साथ मौके पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान, वीर बहादुर यादव के घर से 15 ड्रमों में लगभग 3000 लीटर डीजल बरामद हुआ।
वहीं, रामानंद के घर से तीन ड्रमों में करीब 600 लीटर डीजल मिला। कुल मिलाकर, 3600 लीटर डीजल जब्त किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इतनी बड़ी मात्रा में घर पर डीजल का भंडारण करना नियमों का उल्लंघन है और इससे कालाबाजारी की आशंका बढ़ती है।
SDM हरिशंकर लाल ने जानकारी दी कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे पेट्रोलियम पदार्थों की कमी से जुड़ी अफवाहों पर ध्यान न दें। लोगों को केवल अपनी आवश्यकतानुसार ही ईंधन खरीदना चाहिए। अनावश्यक भंडारण से कृत्रिम संकट पैदा हो सकता है, और जनता को ही दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।