
Dewas News :मध्य प्रदेश की देवास पुलिस साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए ठगी के 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा ये कार्रवाई 'ऑपरेशन FAST 2.0' के तहत की गई है। इस मामले में पुलिस का कहना है कि, आरोपी जिले के अलग-अलग स्थानों से फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर देशभर के लोगों को अलग-अलग तरीकों से ठगी का शिकार बना रहे थे।
पुलिस की जांच में पता चला कि, आरोपी लोगों को लोन दिलाने, ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश के जरिए मुनाफा कमाने और सस्ते मोबाइल और लैपटॉप उपलब्ध कराने का झांसा देते थे। इसके बाद अलग अलग तरीकों से उनसे पैसे ऐंठे जाते थे। शुरुआती पूछताछ में गिरोह द्वारा देशभर में करीब 8 अलग अलग साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देना कबूल किया है। इन मामलों में लगभग 10 लाख रुपए की ठगी किए जाने की जानकारी पुलिस को मिली है।
पुलिस का कहना है कि, गिरोह साइबर ठगी के लिए फर्जी सिम कार्ड और अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल करता था। आरोपियों के तार दिल्ली से भी जुड़े बताए जा रहे हैं। साल 2025 में दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट थाने में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान आरोपियों से विभिन्न कंपनियों के 398 सिम कार्ड बरामद किए जा चुके हैं। इससे पुलिस को गिरोह के बड़े नेटवर्क से जुड़े होने का संदेह जता रही है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और साइबर ठगी से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। थाना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस और 66(ग) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। पूछताछ में गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, इस्तेमाल किए जाने वाले बैंक खातों और सिम कार्ड के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि, आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। साथ ही, इनका नेटवर्क और देश के किन-किन राज्यों में फैला हुआ है।