
Injection Needle Stuck in Hip: मध्य प्रदेश के जिला और निजी अस्पतालों में आए दिन लापरवाही की खबरे आती रहती है। ताजा मामला देवास जिले से सामने आया है। यहां जिला अस्पताल में एक किशोर के कूल्हे में इंजेक्शन की नीडल ही छोड़ दी। किशोर गर्दन के दर्द से वैसे ही परेशान था लेकिन बाद में उसे ऑपरेशन का दर्द भी झेलना पड़ा। मामले के सामने आने के बाद जिला अस्पताल के प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है।
जानकारी के अनुसार एक 15 वर्षीय किशोर के कूल्हे में इंजेक्शन की सुई फंस गई (Injection Needle Stuck)। गर्दन दर्द की शिकायत के बाद किशोर को अस्पताल लाया गया था। बाद में इंदौर में ऑपरेशन कर सुई को सफलतापूर्वक निकाला गया। परिजनों के अनुसार, सोमवार को समक्ष पिता रघुवीर सोनगरा को गर्दन में दर्द के इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। इमरजेंसी में इंजेक्शन लगाने के दौरान नीडल का करीब 4 से 5 सेंटीमीटर हिस्सा उसके कूल्हे के अंदर चला गया। अस्पताल स्टाफ और डॉक्टरों ने मौके पर सुई निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
जिला अस्पताल में करीब डेढ़ घंटे तक ऑपरेशन कर सुई निकालने की कोशिश की गई और एक्स-रे सहित अन्य जांचें भी कराई गई। हालांकि सुई नहीं निकाली जा सकी। इसके बाद किशोर को टांके लगाकर इंदौर रेफर कर दिया गया। इंदौर पहुंचने के बाद मंगलवार को विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने एक घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद किशोर के कूल्हे में फंसी नीडल को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया।
किशोर के पिता रघुवीर दरबार का जिला अस्पताल के प्रबंधन पर गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल बच्चे के इलाज के दौरान लापरवाही करने का आरोप लगाया। उन्होंने इस घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सिविल सर्जन आरपी परमार ने बताया, प्राथमिक रूप से सुई की गुणवत्ता को लेकर गड़बड़ी की आशंका है। इसे लेकर पत्र भी लिखा है। जिला अस्पताल में सुई निकालने का प्रयास किया था लेकिन स्थिति को देखते हुए इंदौर रेफर किया गया।