देवास

परिजन बोले-सगाई कर रहे हैं, बाल विकास विभाग की टीम बनकर पहुंची बिन बुलाए बाराती….

child marriage: मध्य प्रदेश के देवास में बाल विकास विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। विभाग की टीम पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और 22 साल के युवक और नाबालिग लड़की की शादी रुकवाई।

2 min read
Mar 05, 2025

child marriage: मध्य प्रदेश के देवास से बाल विवाह का बड़ा मामला सामने आया है। कन्नौद के काटकाटू गांव में बाल विवाह की सूचना पर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और 22 साल के युवक और नाबालिग लड़की की शादी रुकवाई। परिजन पहले सगाई का बहाना बनाते रहे, लेकिन दस्तावेजों की जांच में सच्चाई सामने आई। करीब एक घंटे की समझाइश के बाद बारात बिना दुल्हन के लौट गई।

टीम पहुंची तो बताया- सिर्फ सगाई हो रही है

3 मार्च को काटकाटू गांव में बाल विवाह की खबर मिलते ही अधिकारी सपना शुक्ला, एएसआई गणेश विश्नोई और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दूल्हे के दस्तावेज देखने पर उसकी उम्र 22 साल निकली, जबकि दुल्हन की उम्र 18 साल से चार महीने कम थी। पूछताछ के दौरान परिजन शादी से इनकार कर सगाई की बात कहते रहे, लेकिन शादी की तैयारियां देखकर टीम को शक हुआ। जब दबाव बनाया गया, तो परिजनों ने खुद स्वीकार कर लिया कि शादी की रस्में कुछ ही देर में शुरू होने वाली थीं।

बारात आई थी, पर लौटानी पड़ी

टीम पहुंची तो दुल्हन साधारण कपड़ों में थी, वहीं दूल्हा बारातियों के साथ भोजन कर रहा था। अधिकारियों ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी और समझाइश दी कि बाल विवाह गैरकानूनी है। परिजन बार-बार यह कहते रहे कि शादी कर लेंगे लेकिन लड़की को चार महीने बाद ससुराल भेजेंगे। लगभग एक घंटे की समझाइश के बाद परिजन माने और शादी रोक दी गई।

कानूनी चेतावनी के बाद माने परिजन

महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी रेलम बघेल ने बताया कि बाल विवाह की सूचना पर टीम ने पहुंचकर शादी रुकवाई और परिजनों को बाल विवाह निषेध अधिनियम की जानकारी दी गई। समझाइश के बाद बारात बिना दुल्हन के लौट गई।

Updated on:
05 Mar 2025 09:58 am
Published on:
05 Mar 2025 09:52 am
Also Read
View All

अगली खबर