
illegal extortion: मध्य प्रदेश के देवास में फर्जी एसडीएम (Fake SDM) बनकर लोगों से पैसे लूटने का बड़ा मामला सामने आया है। यहां स्वयं को एसडीएम बताकर अवैध वसूली करने वाले एक दंपति को कांटाफोड़ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी एक मांस विक्रेता को डरा-धमकाकर 10 हजार रुपए की मांग कर रहे थे। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों को पकड़कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की।
कांटाफोड़ थाना क्षेत्र के नयापुरा घाटी में चिकन की दुकान चलाने वाले शैतानसिंह ने 19 फरवरी को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 14 फरवरी को एक कार से सरिता मालवीय और धीरज राठौर नामक दंपति उनकी दुकान पर पहुंचे। धीरज ने दुकान में घुसते ही कहा कि गाड़ी में एसडीएम मैडम हैं और तुम अपनी दुकान में गाय का मांस बेचते हो। इसके बाद उन्होंने मांस बेचने का लाइसेंस मांगा।
शैतानसिंह ने अपना वैध लाइसेंस दिखाया, लेकिन आरोपियों ने कहा कि यह केवल मुर्गे के मांस के लिए है, गाय के मांस के लिए नहीं। इसके बाद धीरज राठौर ने उसे धमकाया कि वह पुलिस में शिकायत करके उसे फंसा देगा और 10 हजार रुपए की मांग की।
शैतानसिंह ने बताया कि उसके पास पैसे नहीं हैं और उसका बेटा बाहर गया हुआ है। इस पर आरोपियों ने अर्जुन (शैतानसिंह के बेटे) का नंबर लिया और उससे भी पैसे देने की बात कही। जब अर्जुन ने असमर्थता जताई तो धीरज ने शैतानसिंह की जेब से जबरन 5000 रुपए निकाल लिए और धमकी दी कि अगर पुलिस में शिकायत की तो उसे गौमांस बेचने के झूठे आरोप में फंसा देंगे।
पीड़ित ने हिम्मत जुटाकर कांटाफोड़ थाने में शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी सुरेखा निम्बोदा के नेतृत्व में पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। मुखबिर की सूचना पर 19 फरवरी को पुलिस ने ग्राम सुंद्रैल से आरोपियों सरिता और धीरज राठौर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस आगे की जांच में जुटी है।
Updated on:
05 Mar 2025 08:55 am
Published on:
05 Mar 2025 08:53 am
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