
Dewas News : सपनों को पूरा करने के लिए साधन नहीं, संकल्प चाहिए। इसका जीवंत उदाहरण है मध्य प्रदेश के देवास जिले के अंतर्गत आने वाले खातेगांव के पास स्थित एक छोटे से गांव, ग्राम करोंद माफी में रहने वाली बेटी नितिका आकरे, जिन्होंने संघर्षों को अपनी ताकत बनाकर राष्ट्रीय एथलेटिक्स में इतिहास रच दिया। 3 साल की उम्र में पारिवारिक परिस्थितियों के कारण मामा के घर पहुंचीं नितिका ने नर्मदा किनारों पर दौड़ते और खेलते हुए अपने सपनों को आकार दिया है।
आज वही बेटी 65वीं राष्ट्रीय अंतरराज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में महिला पोल वॉल्ट स्पर्धा में 4.10 मीटर की शानदार छलांग लगाकर कांस्य जीत चुकी है। इतना ही नहीं, उन्होंने एशियाई खेल-2026 के लिए भी क्वालीफाई कर प्रदेश और जिले का गौरव बढ़ाया है।
नितिका जब महज तीन साल की थीं, तब पारिवारिक परिस्थितियों के चलते पिता ने उन्हें मामा के पास छोड़ दिया था। मामा मोनू दायमा ने बेटी की तरह पालन किया और खेलों के प्रति उत्साह बढ़ाया। नर्मदा के किनारे रेत पर खेलते हुए शुरू हुआ सफर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता तक पहुंच चुका है।
महिला पोल वॉल्ट स्पर्धा में एशियाई खेल-2026 के लिए क्वालीफाई करने वाली तीन खिलाड़ियों में नितिका का नाम भी शामिल है। आपको जानकर खुशी होगी कि, नितिका प्रदेश की इकलौती महिला पोल वॉल्टर हैं।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खातेगांव विधानसभा के दो खिलाड़ियों नितिका आकरे और देव मीणा की सफलता ने देवास जिले को गौरवान्वित किया है। दोनों खिलाड़ियों ने ये साबित कर दिया कि, ग्रामीण अंचल की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाने में सक्षम होती हैं।
खातेगांव के निजी विद्यालयों में नितिका की खेल प्रतिभा सामने आने लगी। उनकी लगन को देखते हुए प्रशिक्षण के लिए भोपाल भेजा गया। वहां कठिन अभ्यास के बल पर पोल वॉल्ट स्पर्धा में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना ली। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री व विधायक आशीष शर्मा ने दोनों खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।