देवास

क्रिकेट खेल रहे बच्चों को कमरे में बंद करने का आरोप, देवास स्पोर्ट्स पार्क का वीडियो वायरल

Sports Park Children Lock: बच्चों को कमरे में बंद करने की घटना दो दिन पुरानी बताई जा रही है, रविवार शाम को सभापति मौके पर पहुंचे और जिम्मेदारों को फटकार लगाते हुए प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश दिए।

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Jun 14, 2026
dewas
sports park viral video guard accused of locking children in room, गार्ड ने बच्चों को कमरे में बंद किया (source-patrika)

Dewas Sports Park: देवास शहर के इंदौर रोड स्थित स्पोर्ट्स पार्क में बच्चों को एक कमरे में बंद करने का मामला सामने आया है। इसका वीडियो रविवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। यह घटना दो दिन पुरानी बताई जा रही है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति बच्चों को गेट खोलकर बाहर निकालते हुए दिख रहा है और बच्चे रो रहे हैं। साथ ही कान पकड़कर माफी मांग रहे हैं। उधर वीडियो वायरल होने के बाद नगर निगम सभापति रवि जैन स्पोर्ट्स पार्क पहुंचे और संबंधितों को जमकर फटकार लगाई। साथ ही नगर निगम के सहायक यंत्री जगदीश वर्मा को गार्ड के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश दिए। इस दौरान बच्चे और उनके परिजन भी मौके पर पहुंचे और कड़ी कार्रवाई की मांग की।

देखें वीडियो-

खेलने आए थे बच्चे, गार्डन ने कमरे में बंद किया

बताया जा रहा है कि अमोना निवासी कुछ बच्चे 12 जून को सुबह स्पोर्ट्स पार्क में क्रिकेट खेलने पहुंचे थे। इस दौरान उनकी गेंद जाली से बाहर चली गई तो दो बच्चे पार्क की जाली से निकलकर गेंद लेने जाने लगे। इस पर वहां मौजूद गार्ड ने उन पर गार्डन को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया और सभी बच्चों को एक कमरे में बंद कर दिया। ऐसे में बच्चे रोने लगे। इस दौरान वहां से निकले एक व्यक्ति ने दरवाजा खोलकर उन्हें बाहर निकाला।

सभापति ने जमकर लगाई फटकार

वीडियो वायरल होने के बाद नगर निगम के सभापति रवि जैन रविवार को स्पोर्ट्स पार्क पहुंचे और निजी सिक्यूरिटी एजेंसी के सुपरवाइजर को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने सुपरवाइजर को कहा कि एक घंटे में अगर गार्ड की जानकारी नहीं दी तो ये मानकर चलना कि आपको मैं उठाकर थाने ले जाऊंगा। उन्होंने सहायक यंत्री वर्मा को निर्देश दिए कि अगर यह गार्ड की जानकारी नहीं देते हैं तो इनके नाम से एफआइआर करवा देना। रवि जैन ने बताया कि संबंधित गार्ड के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित निजी एजेंसी पर कार्रवाई करने व उसका भुगतान रोकने के निर्देश दिए हैं। बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में उनके साथ ऐसा व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।

Published on:
14 Jun 2026 10:30 pm