धमतरी

जिनका कोई अपना नहीं, उनके लिए ‘अपनत्व’, धमतरी में 715 लावारिस पितरों का होगा पिंडदान

Pind Daan for Unclaimed Souls: जिन लावारिस मृतकों का कोई नाम-पता या अपना नहीं, उनके लिए धमतरी की स्वर्गधाम सेवा समिति वर्षों से अपनों जैसा फर्ज निभा रही है।
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Oct 05, 2026
Chhattisgarh News
लावारिस पितरों का होगा पिंडदान (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Chhattisgarh News: जिनके नाम और धाम का कोई अतापता नहीं, उन लावारिस पितरों की आत्मा की शांति के लिए धमतरी की ‘स्वर्गधाम सेवा समिति’ पुनः एक मिसाल पेश करने जा रही है। वर्ष 2004 से अज्ञात व सड़े-गले शवों को ससम्मान सद्गति देने में जुटी यह समिति इस वर्ष सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या पर 715 अनजान मृतकों का विधिवत सामूहिक पिंडदान और तर्पण करेगी। यह गरिमामय धार्मिक आयोजन 10 अक्टूबर को प्रातः 10:00 बजे से चित्रोत्पला गंगा के तट स्थित रुद्रेश्वर धाम (रुद्री) में संपन्न होगा।

समिति के महासचिव अशोक पवार ने बताया कि संस्था बिना किसी स्वार्थ के लावारिस शवों का हिंदू रीति-रिवाज से दाह-संस्कार करती आई है। इसके अतिरिक्त, कोरोनाकाल तक भिलाई के शांति घाट पर लावारिस छूटीं 44 अस्थियों को राज्यपाल से विशेष अनुमति लेकर गंगा में विसर्जित किया गया था, जिनका तर्पण भी इस आयोजन में शामिल है। महासचिव अशोक पवार ने कहा कि अबतक संस्था 715 अनजान मृतकों का अंतिम संस्कार कर चुकी है। पूर्व में 3 बार ऐसा अवसर आया जब समिति द्वारा अंतिम संस्कार करने के बाद उनके परिजन पहुंचे,लेकिन दफन शव उखड़वाने जैसी अबतक नौबत नहीं आई।

हजारों श्रद्धालु होंगे शामिल

स्थानीय जनसहयोग से आयोजित इस वृहद कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। पिंडदान के उपरांत महाप्रसाद (शांतिभोज) का वितरण होगा, जिसके लिए नगरवासी स्वेच्छा से अनाज व धनराशि दान कर रहे हैं। धार्मिक गरिमा को बढ़ाते हुए हसदा (मगरलोड) की 'सत्संग सरिता मानस एवं भजन मंडली' द्वारा भजनों की सुमधुर प्रस्तुति दी जाएगी।

2004 में बनी सस्था

बता दें कि साल 2004 में धमतरी में स्वर्गधाम सेवा समिति बनाई गई। इस समिति ने आज तक जिले के एक भी शव को लावारिश नहीं कहलाने दिया। इस संस्था के अध्यक्ष और महासचिव 25 साल पहले धमतरी के जिला अस्पताल में पड़ी एक लाश को देख परेशान हो गए। वो लाश लावारिश थी। इसके बाद उन्होंने समिति का निर्माण किया। फिर ऐसे शवों का कानूनी प्रकिया के तहत अंतिम संस्कार करना शुरू किया। साथ ही संस्था की ओर से पितृपक्ष के मौके पर तर्पण और पिंडदान भी किया जाता है।

Updated on:
05 Oct 2026 08:59 am
Published on:
05 Oct 2026 08:59 am