CG News: भीषण गर्मी की दस्तक के साथ ही ठंडे पानी के नाम पर जनता की सेहत से खिलवाड़ शुरू हो गया है। जिले के विभिन्न दुकानों में बिना एक्सपायरी डेट और बैच नंबर वाली पानी पाउच, बोतल बंद पानी बेची जा रहा है।
CG News: भीषण गर्मी की दस्तक के साथ ही ठंडे पानी के नाम पर जनता की सेहत से खिलवाड़ शुरू हो गया है। जिले के विभिन्न दुकानों में बिना एक्सपायरी डेट और बैच नंबर वाली पानी पाउच, बोतल बंद पानी बेची जा रहा है। लोगों की सेहत को लेकर धमतरी खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। ओशिनो ब्रांड के पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के विक्रय और भंडारण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
विभाग ने जांच के दौरान पाया कि यह फर्म बिना वैध अनुमति के पानी पाउच का निर्माण कर रही थी। बाजार में सप्लाई किए जा रहे पाउच पर न तो निर्माण तिथि अंकित थी और न ही एक्सपायरी डेट लिखा था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने जब ओशिनो ब्रांड निर्माता मेसर्स एसकेएस इंडस्ट्रीज गुरूर जिला बालोद के नमूनों की जांच की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
जप्त किए गए 400 पैकेज पानी पाउच पर खाद्य सुरक्षा और मानक विनियम 2020 का स्पष्ट उल्लंघन पाया गया। जांच में पता चला कि फर्म के पास पानी पाउच बनाने का अधिकृत लाइसेंस ही नहीं है, इसके बावजूद जिले में बड़े पैमाने पर इसकी सप्लाई की जा रही थी। पैकेट पर बैच नंबर और विनिर्माण तिथि गायब होने के कारण यह पता लगाना नामुमकिन है।
जिला अस्पताल के डॉ विकास साहू ने बताया कि बोतल बंद या पानी पाउच को यूज करने के पहले उसमें एक्सपायरी डेट देखना जरूरी है। लंबे समय से पैक पानी पाउच में बैक्टीरिया, वायरस या परजीवी हो सकते हैं, जिससे डायरिया, उल्टी और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक रखा गया पानी खराब हो सकता है, जिससे फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है।
घटिया प्लास्टिक के पाउच में रखा पानी गर्मी या समय के साथ केमिकल छोड़ सकता है, जो शरीर के लिए हानिकारक है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। लगातार दूषित पानी पीने से टाइफाइड, हैजा जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
इधर अभिहित अधिकारी सर्वेश कुमार यादव ने जिले के समस्त खाद्य कारोबारियों, होटल संचालकों और चिल्हर विक्रेताओं के लिए निर्देश जारी किया है। प्रशासन ने दुकानदारों से ओशिनो ब्रांड के स्टॉक को तुरंत विनिर्माता को वापस करने का निर्देश दिया है। प्रतिबंध के बाद भी बेचते पाए जाने पर दुकानदार का पंजीयन निरस्त कर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
आईएसआई मार्क: पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर पर आईएसआई का होलोग्राम और लाइसेंस नंबर अनिवार्य है।
प्रिंटिंग चेक करें: पाउच या बोतल पर बैच नंबर, रेट और बेस्ट बिफोर की स्पष्ट छपाई होनी चाहिए।
लीकेज और गंदगी: यदि पाउच की सील ढीली हो या पानी में हल्का धुंधलापन दिखे, तो तुरंत इसकी शिकायत खाद्य विभाग से करें।
जन स्वास्थ्य सर्वोपरि है। उक्त फर्म पानी पाउच निर्माण के लिए अधिकृत नहीं है। नमूने लैब भेजे गए हैं। जिले के सभी दुकानदारों को इस ब्रांड को न बेचने की चेतावनी दी गई है। - सर्वेश कुमार यादव, अभिहित अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन धमतरी