
Mahanadi Flood: धमतरी जिले में लगातार हो रही बारिश और जलाशय में पानी की आवक बढ़ने के बाद गंगरेल बांध के छह गेट खोल दिए गए हैं। बांध से फिलहाल महानदी में हर सेकंड 10,400 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पानी छोड़े जाने के बाद महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है और राजिम-नवापारा के तटवर्ती इलाकों में भी इसका असर दिखाई देने लगा है।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात गंगरेल बांध से करीब 53 हजार क्यूसेक पानी प्रति सेकंड की रफ्तार से छोड़ा गया था। इसके बाद पानी की आवक में कमी आने पर बांध से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा घटाकर 10,400 क्यूसेक कर दी गई। फिलहाल छह गेट खुले हुए हैं और पानी लगातार महानदी में छोड़ा जा रहा है।
गंगरेल से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी का जलस्तर बढ़ गया है। राजिम पहुंचते-पहुंचते नदी का पानी तटों तक फैल गया है। त्रिवेणी संगम क्षेत्र से लेकर राजिम और नवापारा के नदी किनारे तक कई जगह पानी का फैलाव नजर आ रहा है। नदी पर बने पांचों एनीकट के ऊपर से भी पानी बह रहा है। महानदी के बढ़ते जलस्तर का असर राजिम के पंचेश्वरनाथ महादेव मंदिर और नदी के बीच स्थित कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है।
लगातार बारिश के कारण सिहावा-नगरी क्षेत्र के कई नदी-नाले उफान पर हैं। नगरी विकासखंड की ग्राम पंचायत लटियारा के आश्रित ग्राम चर्रा के कच्छारपारा के पास डुमर नाला भी उफान पर है। यहां पुलिया नहीं होने के कारण शनिवार को एक बीमार मरीज को ग्रामीणों ने खाट पर लादकर नाला पार कराया। चर्रा निवासी गोपेश कुमार पटेल को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अचानक अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ी। सुबह पानी का स्तर कुछ कम होने पर ग्रामीणों ने मिलकर उन्हें खाट के सहारे नाला पार कराया और अस्पताल पहुंचाया।
महानदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है। विभाग के इंजीनियर आयुष सिंह ने बताया कि तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है। ग्रामीणों से नदी और नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सुरक्षा बरतने की अपील की गई है। वहीं, लटियारा के सरपंच रुपेश कुमार ध्रुव समेत ग्रामीणों ने डुमर नाला में जल्द पुलिया निर्माण की मांग की है।