
शहर में जोरदार बारिश ( Photo - Patrika )
Chhattisgarh Heavy Rain: मूसलाधार बारिश और जलाशयों में बढ़ती पानी की आवक के बीच गंगरेल बांध के दो गेट खोल दिए गए हैं। 2 सितंबर को शाम 6 बजे की स्थिति में गंगरेल जलाशय में 97.66 प्रतिशत जलभराव था। बांध के 6 और 8 नंबर रेडियल गेट से करीब 4708 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से महानदी का जलस्तर बढऩे की संभावना को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। बांध में 4708 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। प्रशासन ने निचले और संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। कलेक्टर खुद बाढ़ प्रभावित गांवों की निगरानी रख रहे हैं और पल-पल का अपडेट ले रहे हैं।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव व्यवस्था पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं मुरूमसिल्ली में 98.49 प्रतिशत, दुधावा में 83.56 प्रतिशत और सोदुर जलाशय में 69.25 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया। इन जलाशयों में क्रमश: 745, 1,178 और 167 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है। आगामी बारिश की संभावना को देखते हुए गंगरेल से छोड़ा जा रहा पानी रुद्री बैराज पहुंच रहा है। यहां से करीब 2 हजार क्यूसेक पानी महानदी मुख्य नहर और 2708 हजार क्यूसेक महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है। इससे महानदी के जलस्तर में वृद्धि की आशंका है।
कलेक्टर ने महानदी और नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जलस्तर बढऩे पर लोग तत्काल सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर चले जाएं। नदी, नाला अथवा तेज बहाव वाले पानी को पार करने का जोखिम न उठाएं। एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, नगरीय निकायों, जल संसाधन विभाग समेत संबंधित अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पिछले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। वहीं, सरगुजा जिले में एक-दो जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। कुल मिलाकर प्रदेश में बारिश सामान्य रही और इसमें सामान्य से सिर्फ 2 फीसदी का अंतर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, 3 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों और इसके क्षेत्र में कमी आने की संभावना है।
Updated on:
03 Sept 2026 01:46 pm
Published on:
03 Sept 2026 01:37 pm
